रीवा में डिप्टी CM के बंगलें में घुसे कांग्रेसी: पुलिस ने खदेड़ा; कल्पना मिश्रा मौत मामले में मांग रहे इस्तीफा

रीवा। कल्पना मिश्रा मौत मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के बंगले का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता डिप्टी सीएम के बंगले के अंदर तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बाहर खदेड़ा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी भी हुई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था बदतर है। वे कल्पना मिश्रा और उसके बच्चे के मामले में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
इधर बेटी कल्पना को न्याय दिलाने के लिए पिता रामशिरोमणि मिश्रा सिरमौर चौराहे पर धरना दे रहे हैं। आज रविवार को आमरण अनशन का पांचवा दिन है।
पहले देखें प्रदर्शन की पांच तस्वीरें…।
तस्वीर-1. गेट पर चढ़कर बंगले के अंदर जाने लगे कांग्रेसी।
तस्वीर-2. कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुई धक्का मुक्की।
तस्वीर-3. पुलिस ने गेट पर रोका तो बाउंड्रीवॉल कूदकर बंगले में घुसे कांग्रेसी।
तस्वीर-4. जमीन पर बैठे…नारेबादजी की..कहा- भागो मत जवाबदेही तय करो
तस्वीर-5. गेट में धक्का देकर बंगले के अंदर घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता।
26 अगस्त को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
कल्पना मिश्रा (25) को बैकुंठपुर के हटवा निवासी थी। 25 अगस्त को गांधी मेमोरियल अस्पताल में उनको भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात 8.30 बजे कल्पना का सी-सेक्शन किया गया। तीन घंटे बाद कल्पना और उसके बच्चे की मौत हो गई। कल्पना की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें वह महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते और चिल्लाते हुए मदद मांग रही थी। कह रही थी- इस तरह का इलाज जारी रहा तो ये लोग मुझे मार डालेंगे….मां…मुझे बचा लो। कल्पना और उसके बच्चे की मौत के बाद परिजन ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया था। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।

पांच पर हुई थी कार्रवाई
जच्चा-बच्चा की मौत से गुस्साए परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए थे। उनका कहना था कि डॉक्टर और अस्पतालकर्मियों ने इलाज में लापरवाही बरती। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके बाद 28 अगस्त को कल्पना की डिलेवरी करने वाले ड्यूटी डॉ. सोनल अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ/एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. निधि पांडे और 2 नर्सिंग ऑफिसर निलंबित कर दिए गए। 29 अगस्त को 5 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई।
1 सितंबर को संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को हटाने का आदेश जारी हुआ। फिर 4 सितंबर को मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। जांच में यह देखा जा रहा है कि कल्पना को अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर मौत तक इलाज की प्रक्रिया क्या रही? निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं और किन परिस्थितियों में जच्चा-बच्चा की जान गई? अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पिता बोले- मेरी बेटी की हत्या हुई, निलंबन नहीं FIR चाहिए
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल शुक्रवार को कल्पना के परिजन से मिलने पहुंचे थे। कल्पना मिश्रा के परिवार की मांग है कि बेटी और उसके बच्चे की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पिता रामशिरोमणि मिश्रा रविवार को भी रीवा के सिरमौर चौराहे पर अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि मेरी बेटी की हत्या हुई, निलंबन नहीं FIR चाहिए।

कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में CBI जांच की मांग को लेकर विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रविवार को भोपाल में गांधी प्रतिमा के सामने एकदिवसीय सांकेतिक धरना दिया। मंच के अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।