विजयवर्गीय बोले- रेवती रेंज में 12.40 लाख पेड़ लगाए: अब 21 लाख का लक्ष्य; इंदौर को बनाएंगे ग्रीन सिटी

इंदौर। रेवती रेंज पर चल रहे वृक्षारोपण अभियान को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ साल पहले तक यह टेकरी पूरी तरह पथरीली थी, लेकिन इंदौरवासियों के सहयोग से अब यहां हरियाली नजर आने लगी है।
उन्होंने बताया कि रेवती टेकरी पर अब तक 12 लाख 40 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में इसे बड़े जंगल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इंदौरवासियों के प्रयासों से तैयार हो रहा जंगल
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि रेवती टेकरी पर पौधारोपण शुरू होने के बाद उनका काफी समय यहां बीत रहा है। वे सप्ताह में कई बार यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं और जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक जंगल नहीं, बल्कि इंदौर के लोगों के प्रयासों से तैयार किया जा रहा जंगल है। भविष्य में यहां लोग पिकनिक मनाने भी आ सकेंगे। इसके लिए एक हॉल बनाया गया है, जहां लोग कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।
21 लाख पौधे लगाने का संकल्प, 50 लाख तक पहुंचने की उम्मीद
मंत्री ने बताया कि रेवती क्षेत्र में 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों में जिस तरह का उत्साह दिखाई दे रहा है, उससे लगता है कि पौधों की संख्या 50 लाख तक पहुंच सकती है।
शहर के गार्डन में भी बनेगा फॉरेस्ट एरिया
उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में भी 11 लाख 64 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही शहर के गार्डनों में 25 प्रतिशत हिस्से को फॉरेस्ट एरिया के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन क्षेत्रों में नीम, पीपल, बरगद सहित विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि कॉलोनियों और शहर के अंदर भी हरियाली बढ़ाई जा सके।
टेकरियों को बचाकर बनाएंगे हरियाली
विजयवर्गीय ने कहा कि जमीन पर पेड़ लगाना आसान होता है, लेकिन पथरीली टेकरी पर पौधारोपण करना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद इंदौर की सभी टेकरियों को हरा-भरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोग टेकरियों पर माइनिंग करते हैं, लेकिन हमारा प्रयास इन्हें बचाकर हरियाली बढ़ाना है। जिस तरह इंदौर को क्लीन सिटी का सम्मान मिला है, उसी तरह ग्रीन सिटी का सम्मान भी दिलाया जाएगा।
9 अगस्त को बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड
मंत्री ने बताया कि 9 अगस्त को रेवती टेकरी पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इसके लिए सभी पौधों की गिनती की जा रही है। एशिया वर्ल्ड बुक की टीम भी इस प्रक्रिया में शामिल होगी।
कम बारिश से धीमी गति, बारिश होते ही तेज होगा अभियान
उन्होंने कहा कि इस बार बारिश कम होने के कारण पौधारोपण की गति थोड़ी धीमी है। जैसे ही अच्छी बारिश होगी, सघन रूप से पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा सुपर कॉरिडोर में उपलब्ध 100 एकड़ जमीन पर भी बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।