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राष्‍ट्रीय हथकरघा दिवस: 28 राज्यों में मिलती है 116 पारंपरिक बुनाई की शैलियां; साउथ से लेकर नॉर्थ तक हर हेंडलूम की अपनी विशेषता

भारत। हाथ से बनी चीजों की तुलना कोई नहीं कर सकता चाहे वह भोजन हो या कपड़े। मशीन से बने कपड़ों में वो सुंदरत वो अपनत्व नहीं कभी नहीं आ सकता जो हथखरघे की खटखट और बुनकरों की दिन-रात की मेहनत से बने स्वदेशी कपड़े मे मिलता है। जब आप इन हाथों से बने कपड़ों को पहनते है। तो आपकी सुंदरता में चार चंद लगते ही है । साथ ही आप उस बुनकर की कला को भी बढ़वा देते है जो अपना पूरा जीवन इसी के लिए समर्पित कर चुका है।  हर वर्ष 7 अगस्त को देशभर में इन्हीं बुनकरों की मेहनत को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है हथकरघा दिवस। आइए जानते है इस विशेष दिन पर देश के 28 राज्यों के प्रसिद्ध हेंडलूम के बारे में।

आपको जानकर आश्रय होगा की भारत में 116 पारंपरिक बुनाई की शैलियां है। यह देश के अलग अलग हिस्सों जैसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मणिपुर, छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा मे बनाई जाती है। हर कलाकारी का अपने बुनाई के तरीके और शिली के आधर पर अलग नाम होता है। जो अपने-अपने क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान और वस्त्र परंपरा को दर्शाती हैं।

यूपी की शान बनारसी साड़ी
रॉयल बनारसी साड़ी उत्तरप्रदेश की शान है। इसे सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी पसंद किया जाता है । कई बड़े सेलिब्रिटी इसे अपनी वार्डरोब का हिस्सा बना चुके है। इसे कारीगर अपने हाथों से गोल्ड और सिल्वर धागों से तैयार करते है। की बार इसे बनाने में महीनों लग जाते है।

रंग-बिरंगे फूलों से सजी पंजाब की फुलकारी 
पंजाब की फुलकारी डिजाइन अपनी नाजुक कारीगरी और रंगों के लिए सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। इस कलाकारी को ज्यादातर दुपट्टे पर किया जाता हैं।  पंजाब में रंग-बिरंगे फूलों के जाल से सजाकर सुंदर फुलकारी की कढ़ाई की जाती है। जो साड़ी, दुपट्टे पर हाथों से की जाती है।

सिंपल और कंफर्टेबल हरियाणा की रेशम धुरिया साड़ी
वहीं हरियाणा की डिजाइन काफी सिंपल और कंफर्टेबल होती है। यहां पर रेशम धुरिया की साड़ी होती है। जिसमे सॉफ्ट कॉटन फैब्रिक पर सिल्क के धागों से एंब्रायडरी की जाती है।

हिमाचल और उत्तराखंड की सुंदरता लिए होती है कुल्लू पट्टी साड़ी
बात करें पहाड़ों की तो यहां की कला और कल्चर दोनों काफी वाइब्रेंट होता है। यहीं झलक पहनावे में भी दिखती है। हिमाचल के कुल्लू में कुल्लू पट्टी साड़ी में जियोमेट्रिक पैटर्न पर बने शॉल बॉर्डर होते हैं तो वहीं उत्तराखंड की फेमस पंचाचूली साड़ियां होती है। जो खास पहाड़ी ऊन और मूंगा सिल्क से तैयार होती है। इस साड़ी पर बहुत ही महीन और कठिन बुनाई से डिजाइन बनाई जाती है।

पश्चिम बंगाल की संस्कृति दर्शाती जामदानी साड़ियां
पश्चिम बंगाल की तो कई हैंडलूम साड़ियां फेमस है। जिसमे जामदानी से लेकर बालुचरी साड़ियां शामिल है। बालुचरी साड़ी के पल्लू पर रामायण, महाभारत के सुंदर सीन को सजाया जाता है।

बिहार की इको फ्रेंडली साड़ी
बिहार के हैंडलूम की फेमस साड़ी है भागलपुरी टसर सिल्क तो वहीं झारखंड के आदिवासी टसर हैंडलूम साड़ी मशहूर है। वहीं उड़ीसा में टाई एंड डाई का यूज करके बनती है संभलपुरी इकत साड़ी बनती है।

असम की मुगा साड़ी
असम की गोल्डन मुगा साड़ी हैंडवोवेन साड़ी है जो सबसे ज्यादा फेमस है। कहते हैं कि इस साड़ी को जितनी बार वॉश किया जाता है ये और चमकने लगती है। वहीं मेघालय की एरी सिल्क साड़ियां फेमस है तो वहीं अरुणाचल प्रदेश के बुनकर खास अपातानी साड़ी बनाते हैं। जो बिल्कुल नेचुरल धागों से तैयार होती है।सिक्किम में बनती है लेप्छा साड़ी, नागालैंड की साड़ियों में नागा ड्रेप, टाइट बुनाई और बोल्ड स्ट्राईप्स देखने को मिलती है।

राजस्थान का लहरिया और गुजरात की पटोला सबसे खास
साड़ियों के मामले में राजस्थान और गुजरात की खास डिजाइन वाली साड़ियां सबसे ज्यादा फेमस है। क्लासिक बांधनी, लहरिया, टाई एंड डाई प्रिंट साड़ियां। गुजरात की पटोला, इकत प्रिंट, महाराष्ट्र की पैठनी सिल्क साड़ी जिसका मोर वाला पल्लू खासियत है। काफी ज्यादा फेमस है।

गोवा की कुनबी साड़ी
इसके साथ गोवा में भी साड़ी की अपनी डिजाइन होती है, जिसे कुनबी साड़ी बोला जाता है। जिनमे लाल रंग चेक बने होते हैं और ये कॉटन की साड़ियां समुंदर किनारे रहने वाले ट्राइबल लोगों की पहचान है।

एमपी की पहचान चंदेरी सिल्क
एमपी की चंदेरी सिल्क, छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ियों की बेस्ट वैराइटी में गिनी जाती हैं। इसे बुनकर हतकरघा पर अपने हाथों से हफ्तों और महीनों मे तैयार करते है।

साउथ की साड़ियाँ सबसे शानदार 
वहीं साउथ इंडिया के हर स्टेट की साड़ियां बेहद खूबसूरत और वैराइटी वाली होती है। तमिलनाडु की एक्सपेंसिव और खूबसूरत कांजीवरम साड़ी जो अपने हैवीवेट के लिए भी जानी जाती है।केरल की कसावु साड़ी, क्रिस्प व्हाइट कॉटन की साड़ी पर चमकता गोल्डन बॉर्डर इसे भीड़ में सबसे अलग दिखाता है।कर्नाटक की इल्कल साड़ी, आंध्रा प्रदेश की उप्पडा जामदानी जिस पर डेलिकेट जरी का काम हुआ है। साथ ही तेलंगाना की फेमस पोचमपल्ली साड़ी जो बेहद सॉफ्ट सिल्क कॉटन ब्लेंड होती है और इस पर शार्ट जियोमेट्रिक पैटर्न बने होते हैं।

 

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