सीधी के सांदीपनि कन्या स्कूल की हालत खराब: 22 कमरों में 1600 छात्राएं, एक बेंच पर 3-3; नई बिल्डिंग अभी भी अधूरी

सीधी। मध्यप्रदेश सरकार जहां शासकीय स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए सांदीपनि स्कूल योजना चला रही है, वहीं सीधी जिले के कोटहा स्थित सांदीपनि कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल की तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है। वर्षों पुराने भवन में संचालित इस स्कूल में छात्राओं को सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
22 कमरों में 1600 छात्राएं, एक बेंच पर तीन-तीन छात्राएं
स्कूल में करीब 1600 छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके लिए केवल 22 कमरे उपलब्ध हैं। ऐसे में एक-एक कक्षा में करीब 60 से अधिक छात्राएं बैठने को मजबूर हैं। जगह की कमी के कारण एक बेंच पर तीन-तीन छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर रही हैं।

बरसात में टपकती है छत, जर्जर भवन में लग रही कक्षाएं
स्कूल का भवन काफी पुराना हो चुका है। बारिश के दौरान कई कमरों की छत से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि हर बरसात में हादसे का डर बना रहता है। भवन की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।

नए ईमारत का इंतजार, निर्माण कार्य अब तक अधूरा
स्कूल के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण उसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। इसका खामियाजा छात्राओं और शिक्षकों को उठाना पड़ रहा है।
क्षमता से अधिक प्रवेश बने परेशानी की वजह
स्कूल के प्राचार्य राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप क्षमता से अधिक छात्राओं का प्रवेश लिया गया है। इसके कारण कमरों की कमी हो गई है। उन्होंने बताया कि पुराने भवन में बारिश के दौरान पानी टपकता है, जबकि नए बने कुछ कमरों में वेंटिलेशन की कमी है। इससे गर्मी अधिक रहती है और छात्राओं के साथ-साथ शिक्षक भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं।
कई बार किया पत्र, फिर भी नहीं मिला समाधान
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अतिरिक्त कमरों और अन्य सुविधाओं के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी। नए भवन के शुरू होने तक छात्राओं को मौजूदा संसाधनों में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।