इमरान खान की रिहाई पर PTI में मतभेद, टास्क फोर्स के गठन का वरिष्ठ नेताओं ने किया विरोध

पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) में अपने संस्थापक Imran Khan की रिहाई को लेकर आंतरिक मतभेद सामने आए हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने टास्क फोर्स बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।
टास्क फोर्स पर असहमति
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री Sohail Afridi तक अपनी आपत्ति पहुंचाई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि—
- मौजूदा हालात में टास्क फोर्स बनाना उचित नहीं
- इससे विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं
- पार्टी को नुकसान होने की आशंका है
बातचीत का सुझाव
वरिष्ठ नेतृत्व का मानना है कि—
- पाकिस्तान और वैश्विक स्तर पर स्थिति संवेदनशील है
- ऐसे समय में टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना बेहतर होगा
नेताओं ने सलाह दी कि इस्लामाबाद मार्च जैसे कदम पार्टी के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं।
विरोध प्रदर्शन पर चिंता
नेताओं ने चेतावनी दी कि—
- टास्क फोर्स की गतिविधियां विरोध प्रदर्शनों तक सीमित हो सकती हैं
- मौजूदा परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है
इसलिए फिलहाल आक्रामक रणनीति से बचने की जरूरत है।
पहले हो चुकी है घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने 19 अप्रैल को Imran Khan की रिहाई के लिए टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी।
अब पार्टी के भीतर उठते विरोध से साफ है कि इस मुद्दे पर PTI में रणनीति को लेकर स्पष्ट मतभेद मौजूद हैं।
क्या आगे?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PTI को इस समय—
- आंतरिक एकजुटता बनाए रखना
- रणनीति स्पष्ट करना
- और राजनीतिक संतुलन साधना
जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इमरान खान की रिहाई का मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक गरमाने की संभावना है।






