धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक: लोकसभा में अमित शाह का विपक्ष पर जवाब

लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े तीन अहम विधेयकों को पेश किए जाने के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया, जहां विपक्ष ने इन विधेयकों का जोरदार विरोध किया, वहीं Amit Shah ने साफ शब्दों में कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और यह पूरी तरह असंवैधानिक है।
सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ा रही है और इससे राज्यों के प्रतिनिधित्व में असंतुलन पैदा हो सकता है, हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी आपत्तियों का जवाब चर्चा के दौरान दिया जाएगा।
बहस के दौरान सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक लाने और जातिगत जनगणना से बचने का आरोप लगाया, जिस पर अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जनगणना की प्रक्रिया जारी है और सरकार जातिगत जनगणना कराने का निर्णय भी ले चुकी है, ऐसे में विपक्ष के आरोप निराधार हैं।
मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर शाह ने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई सवाल ही नहीं उठता, यह संविधान की भावना के खिलाफ है, वहीं उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई दल चाहता है तो वह अपनी पार्टी के स्तर पर महिला आरक्षित सीटों को मुस्लिम महिलाओं को दे सकता है, इसमें सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी।
कुल मिलाकर, संसद में इन विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है, जहां एक तरफ सरकार इन्हें महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार देते हुए विरोध पर अड़ा हुआ है।






