भारतीय हैमर थ्रोअर मंजू बाला पर डोपिंग के बाद पाँच साल का प्रतिबंध लगा

भारतीय हैमर थ्रोअर मंजू बाला पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल (एडीडीपी) ने पाँच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई उनके डोपिंग परीक्षण में प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन की पुष्टि के बाद की गई। मंजू बाला, जिन्होंने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था, डीहाइड्रोक्लोरोमिथाइल-टेस्टोस्टेरोन और एसएआरएमएस एलजीडी-4033 जैसे प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन की दोषी पाई गई हैं।
दोनों ही पदार्थ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। नाडा ने पिछले वर्ष सितंबर में उनके असफल डोपिंग परीक्षण को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद मामले की जांच एडीडीपी के समक्ष चली। पैनल ने अपने हालिया फैसले में मंजू बाला पर लगाए गए अस्थायी निलंबन को स्थायी प्रतिबंध में बदल दिया है।
एडीडीपी के अनुसार, मंजू बाला पर लगा प्रतिबंध 10 जुलाई 2024 से लागू होकर 2029 के मध्य तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान वह किसी भी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगी।
इस फैसले के साथ भारतीय एथलेटिक्स जगत को एक और झटका लगा है। नाडा और वाडा लगातार खेलों में निष्पक्षता बनाए रखने और डोपिंग मुक्त वातावरण स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है कि खेलों में प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन से न केवल करियर समाप्त हो सकता है बल्कि देश की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है।






