पीथमपुर में कांवड़ यात्रा के बैनर पर उल्टे तिरंगे पर विवाद: मरीमाता मंदिर से निकली थी यात्रा; आयोजकों पर FIR की मांग

धार/पीथमपुर। पीथमपुर में 23 अगस्त को निकाली गई ‘राष्ट्र धर्म समरसता तिरंगा कांवड़ यात्रा’ विवादों में आ गई है। यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अनादर का आरोप लगा है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। मामले में धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें यात्रा के आयोजकों और संबंधित मुख्य अतिथियों पर FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह कांवड़ यात्रा विजय सिंह रघुवंशी मित्र मंडल ने निकाली थी। यात्रा मरीमाता मंदिर से शुरू हुई थी। इसका समापन बोकेनेश्वर मंदिर में हुआ। यात्रा करीब 6 से 7 किलोमीटर लंबी थी। आरोप है कि यात्रा के मुख्य DJ वाहन पर एक बड़ा बैनर लगाया गया था। इसमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कथित तौर पर उल्टा छपा था।
आम लोगों को बांटे गए निमंत्रण पत्रों में भी ऐसा ही तिरंगा छापने का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया है। इसको लेकर मौके पर भी आपत्ति जताई गई थी।
बैनर पर नेताओं के फोटो भी
आरोपित बैनरों पर धार भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती का फोटो भी था। निवेदक विजय सिंह रघुवंशी का चित्र भी लगाया गया था। मामला सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों ने कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस तरह की गलती गंभीर है।

पुलिस को सौंपा ज्ञापन
भीम आर्मी ब्लू पैंथर के संस्थापक डॉ. हेमंत हीरोले और स्थानीय प्रतिनिधियों ने नगर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय के नाम दिया गया। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। आयोजकों और संबंधित मुख्य अतिथियों के खिलाफ नामजद FIR की मांग भी रखी गई।

प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ और ‘भारतीय ध्वज संहिता, 2002’ का हवाला दिया। उनका कहना है कि तिरंगे का अनादर दंडनीय अपराध है। दोष साबित होने पर कानून के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि मामले की जल्द जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
राष्ट्रप्रेमी नागरिकों और कार्यकर्ताओं को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।