PC शर्मा बोले- बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू: CM के दावेदार दिल्ली में कर रहे मुलाकातें; नरोत्तम तो अपना बूथ भी नहीं जीत पाए

भोपाल। दिल्ली में भाजपा नेताओं की लगातार हो रही मुलाकातों और बैठकों को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता PC शर्मा ने BJP पर निशाना साधा है।
कहा- कि बीजेपी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है और पार्टी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। भाजपा में अब कोई रणनीति नहीं बची है और जो नेता मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, वही दिल्ली जाकर मुलाकातें कर रहे हैं।
PC शर्मा ने पूर्व मंत्री ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा भी अपना बूथ नहीं जीत सके। भाजपा के बाद अब कांग्रेस की बारी है।

‘जो CM बनना चाहता है, वही दिल्ली में मुलाकात कर रहे’
पीसी शर्मा ने भाजपा नेताओं की दिल्ली में हो रही मुलाकातों पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, वही दिल्ली में जाकर मुलाकात कर रहे हैं।
उन्होंने इसे भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी में अब रणनीति की कमी दिखाई दे रही है। प्रदेश में भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा है और आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।
भोपाल मास्टर प्लान पर भी सरकार को घेरा
पीसी शर्मा ने भोपाल मास्टर प्लान को लेकर भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मास्टर प्लान को पूरा कर लिया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इस पर रोक लगा दी।
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से कई रहवासी क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियां बढ़ीं और इसका खामियाजा रहवासियों के साथ व्यापारियों को भी भुगतना पड़ रहा है।
‘रहवासी और व्यापारी दोनों पीस रहे’
पीसी शर्मा ने कहा- मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं निकलने से रहवासी और व्यापारी दोनों परेशान हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी पीसी शर्मा से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। जिला अध्यक्षों को लेकर पार्टी स्तर पर चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
कांग्रेस की नजर अब अगले सियासी मुकाबले पर
पीसी शर्मा के बयानों से साफ है कि कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरने के लिए स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ संगठन और राजनीतिक गतिविधियों को भी मुद्दा बना रही है। भोपाल मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस जल्द आंदोलन का रुख अपनाती है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।