परिवहन चेकिंग प्वाइंटों पर अवैध वसूली: AIMTC ने PM, केंद्रीय मंत्री और CM को भेजी शिकायत; उच्चस्तरीय जांच की मांग

नीमच। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) की RTO एवं ट्रैफिक कमेटी के चेयरमैन सी.एल. मुकाती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन भेजकर प्रदेश के परिवहन चेकिंग प्वाइंटों, विशेषकर नीमच जिले के नयागांव में कथित अवैध वसूली और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
AIMTC की ओर से भेजे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि पिछले छह महीनों से मध्य प्रदेश के विभिन्न परिवहन चेकिंग प्वाइंटों से वाहन चालकों, वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। संस्था ने नयागांव चेकिंग प्वाइंट का एक कथित स्टिंग वीडियो भी जांच के लिए संलग्न करने की बात कही है।
नकद और UPI से ‘एंट्री’ वसूली का आरोप
ज्ञापन में दावा किया गया है कि प्रदेश के कई परिवहन चेकिंग प्वाइंटों पर वाहन चालकों से ₹500-₹500 नकद तथा निजी UPI आईडी के माध्यम से कथित रूप से “एंट्री” के नाम पर राशि ली जाती है। आरोप है कि राशि नहीं देने पर ऑनलाइन चालान और कार्रवाई का भय दिखाया जाता है।
निजी लोगों से सरकारी काम कराने का भी आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कई चेकिंग प्वाइंटों पर ऐसे लोग सक्रिय दिखाई देते हैं जो प्रथम दृष्टया शासकीय कर्मचारी नहीं लगते। संस्था ने मांग की है कि यदि निजी व्यक्तियों से सरकारी कार्य कराया जा रहा है तो उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
SOP और हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन का दावा
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर स्थायी गुमटियां और चेकिंग प्वाइंट संचालित किए जा रहे हैं, जबकि परिवहन आयुक्त की SOP का उद्देश्य रैंडम मोबाइल चेकिंग और तकनीक आधारित प्रवर्तन बताया गया है। संस्था ने हाईकोर्ट के आदेशों के पालन की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत व्यवस्था का आरोप
संस्था का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुराने परिवहन चेकपोस्ट बंद करने की पहल की थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई स्थानों पर पुरानी कार्यप्रणाली जारी होने का आरोप है।
सात प्रमुख मांगें रखीं
ज्ञापन में सभी चेकिंग प्वाइंटों की उच्चस्तरीय जांच, डिजिटल रिकॉर्ड का फॉरेंसिक ऑडिट, स्थायी चेकिंग प्वाइंट हटाने, AI और कैमरा आधारित मानव रहित व्यवस्था लागू करने, नकद व निजी UPI से वसूली पर रोक तथा हाईकोर्ट के आदेश और SOP का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।