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पन्ना की खदान में निकला 50 लाख का हीरा: मजदूरी और खेती करते है मालिक; हीरे के पैसों से करेंगे शादी

पन्ना। जिले में एक निजी खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से अधिक है। हीरे को नियमानुसार शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। अब इसे आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद शेष रकम खदान मालिकों को दी जाएगी।

मिट्टी के ढेर में मिल हीरा 
खदान में सात साझेदार अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा हैं। अखिलेश पाल ने करीब दो साल पहले अपने खेत में हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। मंगलवार को बारिश के बाद वे खदान से निकले मलबे का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकता हुआ हीरा दिखाई दिया।

मजदूरी और खेती का काम करते हैं 
हीरा मिलने की खबर के बाद सभी साझेदारों में खुशी का माहौल है। सभी सात साझेदार मजदूरी और खेती का काम करते हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में निजी खेत में खदान के लिए पट्टा बनवाया था, लेकिन उस समय कोई हीरा नहीं मिला। इसके बाद इसी साल दोबारा पट्टा बनवाकर खनन शुरू किया गया।

हीरे के पैसों से शादी करेंगे
हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम को लेकर साझेदारों ने अपनी योजनाएं भी बताई हैं। संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत आर्थिक तंगी के कारण अब तक शादी नहीं कर सके हैं। उन्होंने बताया कि हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा शादी में खर्च किया जाएगा। वहीं अन्य साझेदार बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने पर रकम खर्च करने की योजना बना रहे हैं।

अभी तक 14 हीरे जमा हुए 
वर्ष 2026 में अब तक पन्ना के शासकीय हीरा कार्यालय में 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं, जिनका कुल वजन 61.94 कैरेट है। नया 16.96 कैरेट का हीरा इस साल मिले प्रमुख हीरों में शामिल हो गया है।

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