पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय सम्मान, मृदा अनुसंधान केंद्र सर्वश्रेष्ठ घोषित

धर्मशाला में स्थित चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित मृदा एवं पौधों में सूक्ष्म एवं द्वितीयक पोषक तत्वों तथा प्रदूषक तत्वों पर केंद्र को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित 30वीं द्विवार्षिक कार्यशाला में सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में से एक घोषित किया गया।
यह कार्यशाला भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल में आयोजित की गई थी, जहां केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह उपलब्धि मृदा विज्ञान और पोषक तत्व प्रबंधन के क्षेत्र में केंद्र द्वारा किए जा रहे निरंतर और प्रभावी शोध कार्यों को दर्शाती है।
उल्लेखनीय है कि यह केंद्र पिछले चार द्विवार्षिक बैठकों में भी लगातार शीर्ष प्रदर्शन करते हुए अपनी वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करता रहा है। इस निरंतर सफलता ने इसे देश के प्रमुख कृषि अनुसंधान केंद्रों में स्थापित कर दिया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार पांडा ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की कृषि अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता और सतत मृदा एवं फसल प्रबंधन में इसके योगदान को और मजबूत करता है। उन्होंने शोध टीम के प्रयासों और वैज्ञानिक योगदान की सराहना की।
इसी तरह मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राज पॉल शर्मा ने भी टीम को बधाई देते हुए उनके समर्पण और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की।
यह उपलब्धि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय को एक अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थान के रूप में और अधिक मजबूती प्रदान करती है तथा देश में सतत कृषि और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है।






