नाइजर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आतंकी हमला, 11 सैनिक शहीद; जवाबी कार्रवाई में 22 आतंकवादी ढेर
पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी में स्थित डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार तड़के हुए बड़े आतंकी हमले ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नाइजर की सैन्य सरकार के अनुसार हमले में 11 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 22 आतंकवादी मारे गए।
एक घंटे तक चली गोलीबारी और धमाके
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में करीब एक घंटे से अधिक समय तक गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। हमला एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार के पास शुरू हुआ, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों के कड़े घेराव के बाद हमलावर विभिन्न दिशाओं में भागने लगे। इस दौरान सेना ने उनका पीछा किया और कई आतंकवादियों को मार गिराया।
दो नागरिकों की भी मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में दो आम नागरिकों की भी जान गई है। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से हथियारों और अन्य संदिग्ध सामग्री का जखीरा बरामद किया है, जिसे हमलावर भागते समय छोड़ गए थे।
अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि इसी वर्ष जनवरी में भी इसी एयरपोर्ट पर एक बड़ा हमला हुआ था, जिसमें कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट इन द साहेल (IS-Sahel) से जुड़े आतंकवादियों ने मोर्टार और ड्रोन का इस्तेमाल किया था।
उस हमले में एयरपोर्ट के नागरिक टर्मिनल और सैन्य एयर बेस 101 को निशाना बनाया गया था, जिससे रनवे, सैन्य वाहनों और विमानों को भारी नुकसान पहुंचा था।
साहेल क्षेत्र में आतंकवाद की बड़ी चुनौती
नाइजर पिछले एक दशक से इस्लामी उग्रवाद और आतंकी गतिविधियों का सामना कर रहा है। पड़ोसी देशों माली और बुर्किना फासो की तरह यहां भी सैन्य शासन है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के वादे के साथ सत्ता संभाली थी।
वर्तमान में नाइजर को कई मोर्चों पर आतंकवादी संगठनों से लड़ना पड़ रहा है।
पश्चिमी सीमा पर खतरा
माली और बुर्किना फासो की सीमा से लगे इलाकों में नाइजर की सेना आईएस-साहेल (IS-Sahel) और अल-कायदा से जुड़े संगठन जेएनआईएम (JNIM) के खिलाफ अभियान चला रही है।
दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में संघर्ष
लेक चाड क्षेत्र के आसपास नाइजर की सुरक्षा एजेंसियां बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) जैसे आतंकी संगठनों से मुकाबला कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
हमले के बाद पूरे एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले के पीछे कौन सा संगठन था और आतंकियों को स्थानीय स्तर पर किस प्रकार की सहायता मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला नाइजर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश हो सकता है।
