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नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल से लागू: नियम अधिसूचित, टैक्स सिस्टम होगा सरल

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने नए आयकर अधिनियम 2025 के नियम अधिसूचित कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होंगे। ये नियम वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगे और देश के टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।

64 साल पुराने कानून की जगह लेगा नया अधिनियम

नया कानून 1961 के आयकर अधिनियम की जगह लेगा, जिसका उद्देश्य जटिलता कम करना और कर विवादों को घटाना है।

  • धाराएं: 819 से घटाकर 536

  • अध्याय: 47 से घटाकर 23

  • शब्द: 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख

सरकार ने पहली बार 39 तालिकाएं और 40 सूत्र जोड़कर कानून को अधिक स्पष्ट बनाया है।

वेतनभोगियों के लिए HRA में राहत

नए नियमों में मकान किराया भत्ता (HRA) पर टैक्स छूट जारी रहेगी:

  • बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु): 50%

  • अन्य शहर: 40%

हालांकि, अब किरायेदार और मकान मालिक के संबंधों का खुलासा करना अनिवार्य होगा।

सख्त और पारदर्शी नियम

नए कानून में:

  • पूंजीगत लाभ और शेयर बाजार लेनदेन पर सख्ती

  • अनिवासी कराधान के लिए स्पष्ट नियम

  • विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट में सख्त जांच

इसके अलावा:

  • 150+ नए फॉर्म पेश

  • ऑडिटर्स की जिम्मेदारी बढ़ाई गई

  • PAN डुप्लिकेशन और गलत ऑडिट पर निगरानी

क्या नहीं बदला?

👉 इस कानून में नई टैक्स दरें लागू नहीं की गई हैं, बल्कि केवल भाषा और प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।

क्यों है यह अहम?

यह सुधार:

  • टैक्स सिस्टम को आसान बनाएगा

  • विवाद कम करेगा

  • अनुपालन (compliance) बढ़ाएगा

👉 कुल मिलाकर, नया आयकर अधिनियम भारत के टैक्स ढांचे को आधुनिक, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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