प्रधानमंत्री मोदी का सिक्किम से वाराणसी तक मेगा दौरा: हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
Narendra Modi ने पूर्वोत्तर राज्य Sikkim के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत कर दी है। इस दौरान वे राज्य के स्वर्ण जयंती वर्ष पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मंगलवार शाम को Varanasi पहुंचेंगे, जहां वे अपने संसदीय क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर विकास योजनाओं की सौगात देंगे।
सिक्किम में विकास को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री गंगटोक में राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह में शामिल होंगे और बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बिजली और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
वे नामची जिले के यांगंग में आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखेंगे और गंगटोक सहित विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज और आईटी-सक्षम शिक्षा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही तीस्ता नदी पर नए पुल और सड़क परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
वाराणसी में 6,350 करोड़ की परियोजनाएं
सिक्किम दौरे के बाद प्रधानमंत्री Varanasi में महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और 6,350 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
इन परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, रेलवे ओवरब्रिज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल जीवन मिशन योजनाएं, घाटों का विकास और खेल सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की 100 से ज्यादा नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
29 अप्रैल को प्रधानमंत्री Hardoi में Ganga Expressway का उद्घाटन करेंगे। यह 594 किलोमीटर लंबा और करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला है।
इस एक्सप्रेस-वे से यात्रा समय में भारी कमी आएगी और राज्य के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेस-वे सहित अन्य परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेंगी, निवेश को आकर्षित करेंगी और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराएंगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वोत्तर और उत्तर प्रदेश में समग्र विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और आर्थिक मजबूती पर विशेष फोकस है।
