नेपाल में बड़ा प्रशासनिक फैसला: अध्यादेश से 1500 से अधिक राजनीतिक नियुक्तियां रद्द

नेपाल में एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले के तहत 1500 से अधिक राजनीतिक नियुक्तियां एक ही झटके में रद्द कर दी गई हैं। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा मंजूर अध्यादेश के राजपत्र में प्रकाशित होते ही यह निर्णय प्रभावी हो गया।
शनिवार को जारी “सार्वजनिक पदाधिकारी हटाने सम्बन्धी विशेष व्यवस्था अध्यादेश” को रविवार को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया गया, जिसके बाद 150 से अधिक सार्वजनिक निकायों के कुल 1500 से ज्यादा पद खाली हो गए हैं।
इस अध्यादेश का प्रभाव विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों, समितियों, बोर्डों और विभिन्न सरकारी प्राधिकरणों पर पड़ा है। पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में की गई राजनीतिक नियुक्तियों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
इस फैसले के दायरे में पूर्व प्रधानमंत्रियों केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउवा और पुष्प कमल दहाल के कार्यकाल में की गई नियुक्तियां भी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की के समय की नियुक्तियां भी इस अध्यादेश के तहत समाप्त कर दी गई हैं।
अध्यादेश के लागू होने से नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान, संवैधानिक निकाय और सरकारी प्रसारण संस्थान भी प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के सचिवालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार 150 सरकारी निकायों में नियुक्त कुल 1594 लोगों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त माना गया है।
हालांकि, इस अध्यादेश में नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर या बोर्ड सदस्यों को हटाने से संबंधित कोई प्रावधान शामिल नहीं किया गया है।
इस फैसले को नेपाल की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े सुधार और राजनीतिक प्रभाव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में नई नियुक्तियों और नीतिगत बदलावों का रास्ता साफ हो सकता है।





