नेपाल में वामपंथी छात्र संगठनों का अनोखा प्रदर्शन, शंख घोष और स्वस्ति वाचन के साथ सरकार का विरोध

नेपाल की राजधानी काठमांडू में वामपंथी छात्र संगठनों ने मंगलवार को एक अनोखे तरीके से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पाटन बहुमुखी कैंपस में छात्रों ने पूजा-पाठ, शंख घोष और स्वस्ति वाचन के साथ नई नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन का मुख्य कारण बालेंद्र सरकार द्वारा छात्रसंघों को भंग करने का फैसला है। छात्र नेताओं ने इस निर्णय को अलोकतांत्रिक बताते हुए चेतावनी दी कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्रों ने सरकार के हालिया आर्थिक फैसलों का भी विरोध किया। उन्होंने भारत से 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान लाने पर लगाए गए अनिवार्य कस्टम शुल्क को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस निर्णय से आम जनता और छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
इसके साथ ही बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरा गया। छात्रों ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और आम लोगों को राहत देने की मांग उठाई।
संयुक्त छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक और तेज किया जाएगा।






