नेपाल में 38 मिनट बाद मिला ग्लेशियर टूटने का अलर्ट: लोग बोले- संभलने का नहीं मिला मौका; अब तक 1127 मौतें

नेपाल। 26 अगस्त को नेपाल मे आई बाढ़ की चेतावनी करीब 38 मिनट बाद जारी की गई। प्रभावित लोगों का कहना है कि अलर्ट मिलने तक सुरक्षित जगह पहुंचना मुश्किल था। कई लोगों ने बताया कि उन्हें खतरे का अंदाजा नहीं था। चेतावनी मिलने तक पानी तेजी से बढ़ चुका था। परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से नेपाल के पांच नागरिकों के शव मिले हैं। ये लोग बाढ़ के दौरान नदी में बह गए थे। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। मंगलवार को शव सोनौली सीमा पर नेपाल पुलिस को सौंप दिए गए।
एक हफ्ते में 1127 लोगों की मौत
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 4800 से ज्यादा लोग लापता हैं। आपदा से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, सड़कें और पुल बाढ़ की चपेट में आए हैं। स्कूल और अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है।
कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कर्मचारी अभी भी लापता हैं। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। अमेरिका की 13 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भी नेपाल पहुंची है। टीम विशेष उपकरणों की मदद से सुरंगों के अंदर फंसे लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

तीन बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल में बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
अज्ञात शवों की DNA से पहचान
बाढ़ में कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है। शवों को जलाने के बजाय कुछ जगहों पर दफनाया जा रहा है। इसका मकसद शवों के अवशेष सुरक्षित रखना है। बाद में DNA जांच के जरिए उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पहचान होने पर शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

भारत ने भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल के लिए राहत और बचाव अभियान तेज किया है। भारत की पांचवीं राहत उड़ान नेपाल भेजी गई है। इस विमान में 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन दवाइयां भेजी गई हैं।

इससे पहले भारत चार उड़ानों के जरिए करीब 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। इसमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल और हाइजीन किट शामिल हैं।