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ईंधन संकट के बीच नेपाल सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के पेट्रोल-डीजल कोटा में कटौती

बढ़ते ईंधन संकट और आर्थिक दबाव के बीच नेपाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाली पेट्रोल-डीजल सुविधा में कटौती का बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में संशोधित प्रावधानों को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल चुकी है।

वित्त मंत्री Swarnim Wagle ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि, आपूर्ति में कमी और अपेक्षित राजस्व संग्रह न होने के कारण यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी खर्च में मितव्ययिता लाना है।

नई व्यवस्था के तहत अब सचिव स्तर के अधिकारियों को मिलने वाला 125 लीटर ईंधन घटाकर 70 लीटर कर दिया गया है, जबकि सहसचिव स्तर के अधिकारियों का कोटा 100 लीटर से घटाकर 50 लीटर कर दिया गया है। हालांकि, मंत्रियों और संवैधानिक पदाधिकारियों को पूर्ववत सुविधा मिलती रहेगी।

इसके अलावा सरकारी कार्यालयों के वाहनों के लिए ईंधन कोटा भी कम किया गया है। पहले जहां 30 कर्मचारियों तक के कार्यालयों को 75 लीटर पेट्रोल और 100 लीटर डीजल मिलता था, अब इसे घटाकर 35 लीटर पेट्रोल और 50 लीटर डीजल कर दिया गया है।

इसी तरह बड़े कार्यालयों और अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए भी ईंधन आपूर्ति में कटौती की गई है। वहीं दोपहिया वाहनों के लिए मासिक पेट्रोल सुविधा 12 लीटर से घटाकर 8 लीटर कर दी गई है।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से सार्वजनिक खर्च में कमी आएगी और मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

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