जेएएल केस: वेदांता की याचिका पर एनसीएलएटी में सुनवाई टली, अडाणी डील पर अनिश्चितता बरकरार

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के दिवाला समाधान प्रक्रिया से जुड़े बहुचर्चित मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने सोमवार को वेदांता समूह की याचिका पर होने वाली सुनवाई को टाल दिया है। यह याचिका अडाणी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को चुनौती देने से जुड़ी है।
सूत्रों के अनुसार, सुनवाई टलने का कारण बेंच की संरचना में बदलाव और एक सदस्य की अनुपस्थिति बताया गया है। अब न्यायाधिकरण इस मामले की अगली सुनवाई की नई तारीख जल्द तय करेगा।
यह पूरा विवाद जेएएल की दिवाला प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें इलाहाबाद स्थित NCLT ने 17 मार्च को अडाणी एंटरप्राइजेज की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत कंपनी ने जेएएल के सीमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए बोली लगाई थी।
वेदांता समूह, जिसके प्रमुख अनिल अग्रवाल हैं, ने इस बोली प्रक्रिया और चयन को चुनौती देते हुए NCLAT में दो अलग-अलग अपीलें दायर की हैं। समूह का दावा है कि समाधान प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं हुई हैं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस अधिग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिससे अडाणी एंटरप्राइजेज को राहत मिली थी। लेकिन NCLAT में चल रही अपीलों के चलते पूरा मामला अभी कानूनी रूप से लंबित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला भारत की कॉरपोरेट दिवाला प्रक्रिया और बड़े कॉरपोरेट समूहों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। अब निवेशकों और बाजार की नजरें NCLAT के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं, जो इस बहु-करोड़ डील की दिशा तय करेगा।






