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MP में जहरीली शराब से 14 की मौत: सागर में शनिवार रात तबीयत बिगड़ी; 104 मरीजों अस्पताल में भर्ती, 12 आरोपियों के खिलाफ FIR

सागर।  जहरीली और अवैध शराब पीने से 4 अलग-अलग गांवों के 14 लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह सभी को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया।

डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का प्राथमिक कारण जहरीली शराब पीना ही बताया जा रहा है। बंडा सिविल अस्पताल में 104 मरीज भर्ती है।

जिन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, वे बंडा क्षेत्र के नोराज, गूगरा खुर्द, बमुरा समेत अन्य गांवों के बताए जा रहे हैं। शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से हो रही थी।

लक्षण दिखने पर तुरंत स्क्रीनिंग कराएं
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब पी है या जहरीली शराब के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत स्क्रीनिंग कराएं। उन्होंने कहा कि लोग स्थानीय डॉक्टरों की टीम से संपर्क कर सकते हैं या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच करा सकते हैं।

कलेक्टर बोलीं- जहरीली शराब पीकर बीमार पड़े
कलेक्टर ने बताया कि चिकित्सा दल सभी मामलों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। स्थिति के अनुसार जरूरी मेडिकल और प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। मृतकों में चार गांवों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और शराब के सेवन से हुई मौतों के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इन लोगों की हुई मौत
जहरीली शराब से पीने से गोलू उर्फ चमन लोधी (45), पिता साहब सिंह, ग्राम गूगरा खुर्द, दिग्विजय (28), पिता देवेंद्र लोधी, ग्राम नौराज, करतार सिंह (30), पिता जोधन लोधी, ग्राम नौराज,  उजयार सिंह (56), पिता विजय सिंह लोधी, ग्राम गूगरा खुर्द, रोशन लोधी, पिता जगन्नाथ (30), ग्राम पाटन, थाना विनायका, राजेंद्र (32), पिता मूरत लोधी, ग्राम नौराज, गूगरा, हरनाम (42), पिता घनश्याम राय, ग्राम चौका, उत्तम नत्थू नायक (42), ग्राम दलपतपुर, सुमेर सिंह दांगी (47), पिता पूरन ग्राम बमूरा, राजकुमार लोधी (47), पिता नन्नई लोधी, ग्राम बमूरा, सुरेंद्र अहिरवार (35), पिता शुखलाल, ग्राम लिधौरा की मौत हो गई।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हुई। कलेक्टर, एसपी और अपर कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

मरीजों के शरीर नीले पड़ गए
डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए गए मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें अकड़न महसूस हो रही थी। घटना के बाद प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग की जा रही है। शराब पीने वाले लोगों को चेकअप के लिए अस्पताल लाया जा रहा है।

सात शराब दुकानें सील, सैंपलिंग जारी
प्रशासन ने बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की शराब दुकानों को सील कर दिया है। दुकानों से सैंपल लिए जा रहे हैं और जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

मृतकों के शरीर में मिथाइल मिला 
सूत्रों ने बताया की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में मिथाइल पाया गया है। मिथाइल आमतौर पर अवैध और जहरीली शराब में मिलाया जाता है। इसी आधार पर अधिकारियों ने जहरीली शराब से मौत की पुष्टि की। पुलिस को आशंका है कि यह शराब गांव में अवैध तरीके से बनी थी।

मुनाफे के लिए होगा है मेथेनॉल का इस्तेमाल
मिथाइल को मेथेनॉल भी कहते हैं और यह असली शराब से सस्ता पड़ता है। कई बार अवैध शराब बनाने वाले मुनाफे के लिए इसे मिला देते हैं। यह रसायन शरीर में जाते ही आंखों और नसों पर सीधा असर डालता है। कई बार इससे व्यक्ति की आंखों की रोशनी भी चली जाती है। ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर मौत तक हो सकती है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे बेहद जानलेवा रसायन मानते हैं।

शराब कहां से आई और किसने बनाई
प्रशासन इलाके में अवैध शराब पर लगातार नजर रख रहा है। पुलिस टीमें गांवों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रही हैं। शराब कहां से आई और किसने बनाई, इसका भी पता लगाया जा रहा है। जांच में शामिल पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

12 लोगों के खिलाफ FIR, ललितपुर से सप्लाई का दावा
पुलिस ने मामले में 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में जहरीली शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आने की जानकारी है। पुलिस अब शराब के सोर्स और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

अवैध शराब को लेकर पहले भी दिए गए थे ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेश अठिया ने आरोप लगाया कि बंडा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इस मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन की अनुमति भी मांगी थी।

एसडीएम और तहसीलदार बाद में पहुंचे
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर, एसपी और अपर कलेक्टर मौके पर पहुंच गए थे, जबकि बंडा एसडीएम और तहसीलदार बाद में पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने एसडीएम से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।

बरा चौराहे पर चक्काजाम
घटना से नाराज लोगों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी के नेतृव में बंडा के बरा चौराहे पर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। लोगों ने अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल की निगरानी में जांच होगी।

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