मणिपुर में सुरक्षाबलों की UKNA से मुठभेड़: 2 उग्रवादी मारे गए, 2 घायल; कैंप से हथियार और सैकड़ों कारतूस मिले

मणिपुर। चुराचांदपुर जिले में सुरक्षाबलों और UKNA उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें दो उग्रवादी मारे गए। दो अन्य घायल हुए हैं। कार्रवाई भारतीय सेना और असम राइफल्स ने मिलकर की। सुरक्षाबलों को फाइबोंग गांव में UKNA के कैंप की जानकारी मिली थी।
इसके बाद जवानों ने इलाके में निगरानी शुरू की। 2 सितंबर की सुबह सुरक्षाबलों की टीम कैंप के पास पहुंची। इसी दौरान उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग सुबह करीब 5:30 बजे हुई। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में दो UKNA सदस्य मारे गए और दो घायल हो गए।
कैंप से बड़ी मात्रा में हथियार मिले
मुठभेड़ के बाद जवानों ने कैंप की तलाशी ली। इस दौरान कई हथियार और कारतूस बरामद हुए।सुरक्षाबलों को दो MA राइफल और एक AK-56 राइफल मिली। एक लाथोड गन और 7 ग्रेनेड भी बरामद हुए।
इसके अलावा 15 AK मैगजीन मिलीं। जवानों को सैकड़ों कारतूस भी मिले। बरामद सामान में 371 AK-56 राउंड, 601 MA राइफल राउंड और 172 SLR राउंड शामिल हैं। मौके से 15 कॉम्बैट यूनिफॉर्म और 7 एम्युनिशन पाउच भी मिले।

जंगल में तलाशी अभियान जारी
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। असम राइफल्स के अनुसार, इलाके में तलाशी अभी जारी है। जवान आसपास के क्षेत्रों पर भी नजर रख रहे हैं।
SoO समझौता क्या है?
UKNA यानी यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी मणिपुर में सक्रिय एक सशस्त्र संगठन है। यह कुकी समुदाय से जुड़ा हुआ है। UKNA ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ SoO (Suspension of Operations) समझौता नहीं किया है।
SoO का मतलब Suspension of Operations यानी अभियान रोकने का समझौता है। केंद्र और मणिपुर सरकार ने कुकी और जोमी समुदाय से जुड़े कई सशस्त्र संगठनों के साथ यह समझौता किया है। इसके तहत सुरक्षा बलों और संबंधित संगठनों के बीच हिंसक कार्रवाई रोकने की व्यवस्था की गई है।
UKNA इस समझौते में शामिल नहीं है। इसलिए सुरक्षाबलों की ओर से UKNA के खिलाफ अभियान चलाए जाते रहे हैं।