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बालाघाट में बच्चों की मौत पर राहुल का पोस्ट: लिखा- सुविधाओं की कमी जान ले रही; अभी तक 30 की मौत

बालाघाट। बैहर-बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर घटना को चिंताजनक और पीड़ादायक बताया।

बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बच्चों की जान ले रही
राहुल गांधी ने कहा कि बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बच्चों की जान ले रही है। उन्होंने बताया कि बैगा आदिवासी बहुल गांवों में मई से बच्चों के बीमार होने और मौतों का सिलसिला सामने आया है। शुरुआती जांच में कई बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी।

मलेरिया के 236 मरीज मिले
16 अगस्त तक प्रभावित गांवों से 152 मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें 100 स्वस्थ होकर घर लौट चुके थे। वहीं 2,780 लोगों की जांच में 236 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने बाद में जांच का दायरा बढ़ाते हुए बच्चों में खसरा समेत अन्य मौसमी और संक्रामक बीमारियों की भी जांच की। ऐसे में बच्चों की मौत के पीछे सिर्फ एक बीमारी को कारण नहीं माना जा रहा है। संक्रमण के साथ कमजोर स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।

कुपोषण और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता पर फोकस
प्रभावित गांवों में बच्चों की पोषण स्थिति को लेकर भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई। बीमारी के बीच राशन, पोषण और खाद्य सुरक्षा की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

दुर्गम इलाकों में इलाज तक पहुंच चुनौती
बैहर-बिरसा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा वनांचल और दुर्गम इलाकों में आता है। ऐसे में बीमार बच्चों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा। बीमारी की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में सर्वे, स्क्रीनिंग और उपचार की गतिविधियां बढ़ाईं।

4 सितंबर तक 30 बच्चों की मौत का दावा
मौतों के आंकड़े को लेकर सामने आए दावों के बीच 4 सितंबर तक 30 बच्चों की मौत की बात सामने आई है। इससे एक दिन पहले बच्चों की मौत के विरोध में बालाघाट में बंद भी रखा गया था। राहुल गांधी की पोस्ट के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।

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