प्रधानमंत्री मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब ने नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
दोनों नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य में भारत और फिनलैंड के बीच मजबूत मैत्री और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सहयोग पर भी बल दिया।
व्यापार और आर्थिक साझेदारी
27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में हुए मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत किया।
नेताओं ने व्यवसाय जगत से इस समझौते के अवसरों का लाभ उठाने को कहा।
2030 तक भारत और फिनलैंड के बीच मौजूदा व्यापार मूल्य दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमति।
डिजिटल और तकनीकी सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति स्टब ने 5G, 6G, क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों में सहयोग को प्राथमिकता क्षेत्र बताया। दोनों देशों ने डिजिटल बदलाव में भरोसे और लाभ पर आधारित साझेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण
नेताओं ने कम कार्बन उत्सर्जन, ऊर्जा सक्षमता, जैव ईंधन, स्मार्ट ग्रिड और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को महत्व दिया।
वैश्विक संस्थानों में सुधार
वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की भारत की मेजबानी की सराहना।
संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की आवश्यकता पर जोर, विशेषकर सुरक्षा परिषद को अधिक सक्षम और समावेशी बनाने पर।
फिनलैंड ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के समर्थन की पुष्टि की।
दोनों नेताओं की यह बैठक भारत-फिनलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ वैश्विक सहयोग और तकनीकी विकास में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






