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दूध का भाव व्यापारी तय नहीं करेंगे: MP किसान प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के सामने रखी मांग; हड़ताल की चेतावनी 

इंदौर। किसान शोषण विरोधी मंच (म.प्र.) के प्रतिनिधिमंडल ने आज कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर दूध के भाव को लेकर अपनी मांगें रखीं।

मंच के दिलीप सिंह पवार ने बताया कि मंत्री तुलसी सिलावट के माध्यम से कलेक्टर से समय मांगा गया था। उन्होंने कहा कि 8 दिनों से सांवेर, देपालपुर, महू और कुड़ेल तहसीलों में दूध के दाम को लेकर सभाएं और महापंचायतें की जा रही हैं।

रविवार को करजोदा गांव में 1000 किसानों की महापंचायत हुई थी। पवार ने कहा, “दूध का उत्पादन किसान करता है, लेकिन भाव व्यापारी तय करता है, जो न्यायसंगत नहीं है।

दूध बंदी हड़ताल की चेतावनी 
भरत मथुरा वाले अपनी मिठाई और समोसे के दाम खुद तय करते हैं तो हमारे दूध का भाव वो कैसे तय कर सकते हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो वे हाईकोर्ट जाएंगे और दूध बंदी हड़ताल करेंगे।

खली महंगी होने से पशुधन खराब हो रहा 
किसानों ने बियर फैक्ट्री के वेस्ट (राप) को पशुओं को खिलाने का मुद्दा भी उठाया। खली 50 रुपये किलो होने से किसान 7-8 रुपये किलो वाला बियर वेस्ट खिला रहे हैं, जिससे पशुधन खराब हो रहा है और इससे कैंसर का खतरा भी है। साथ ही नीलगाय और रोजड़ से फसलों के नुकसान और नकली घी, मावा, पनीर पर रोक की मांग भी की।

गुजरात मॉडल पर दूध खरीदी पर विचार होगा 
कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि बुधवार को दुग्ध संघ के सीईओ से मिलवाया जाएगा। इंदौर में गुजरात मॉडल पर दूध खरीदी पर विचार किया जाएगा।

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