Meta का बड़ा फैसला: बच्चों के यौन शोषण की जानकारी पुलिस को देगा; 1.6 लाख अकाउंट हटाए

नई दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी Meta ने भारत में बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकार के लगातार दबाव के बीच Meta ने यह फैसला लिया है। Meta Facebook, Instagram, WhatsApp, Messenger और Threads जैसे प्लेटफॉर्म की कंपनी है।
सरकार के दबाव के बाद लिया फैसला
सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर लगातार बातचीत हो रही थी। सरकार ने साफ कहा है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। Meta का यह फैसला बच्चों को ऑनलाइन नुकसान से बचाने की दिशा में पहला कदम है। सरकार ने कहा कि अभी और कदम उठाने की जरूरत है।
Instagram पर बच्चों से जुड़े कंटेंट को लेकर सवाल
Meta पर Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और विज्ञापनों को लेकर सवाल उठे थे। 9 सितंबर को Meta India के वरिष्ठ अधिकारियों को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के सामने पेश होना पड़ा था। आयोग ने Instagram पर ऐसे कथित विज्ञापनों को लेकर जांच शुरू की थी।
जुलाई में सरकार ने Meta को दिया था आदेश
जुलाई में सरकार ने Meta को Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया था। सरकार ने Meta से इस मामले में सात दिन के अंदर जवाब भी मांगा था। इसके बाद Meta ने कुछ विज्ञापन हटाने और उनसे जुड़े अकाउंट बंद करने की जानकारी दी थी।
Meta ने कहा- ऐसी जानकारी NCMEC को देते हैं
Meta ने जुलाई में कहा था कि जब उसे बच्चों के शोषण से जुड़ी किसी सामग्री की जानकारी मिलती है, तो वह लागू कानून के अनुसार इसकी जानकारी National Center for Missing and Exploited Children (NCMEC) को देता है।
कंपनी ने यह भी कहा कि भारत में ऐसी रिपोर्ट NCMEC के जरिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल तक भेजी जाती हैं। यह प्रक्रिया POCSO कानून और संबंधित नियमों के तहत की जाती है।
6 महीने में 1.6 लाख अकाउंट हटाए
Meta ने बताया कि भारत में उसने पिछले छह महीनों में बच्चों के शोषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर करीब 1.6 लाख अकाउंट हटाए हैं। सरकार ने कहा है कि जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।