झाबुआ में हुआ ‘बड़ी पूजा’ का आयोजन: मवेशियों पर किया पवित्र जल का छिड़काव; सुख-समृद्धि की कामना की

झाबुआ। रायपुरिया गांव में मंगलवार को परंपरा के अनुसार ‘बड़ी पूजा’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव के सभी मवेशियों को एक निश्चित स्थान से निकाला गया और उन पर नीम के पत्तों से पवित्र जल के छींटे दिए गए।
ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि इस पवित्र जल के छिड़काव से वर्षभर पशु विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं।यह जल विशेष रूप से राजस्थान के फतेहनगर गांव से लाया जाता है। इस विशेष दिन पर किसान अपने सभी कृषि कार्य पूरी तरह बंद रखते हैं।
इस जल को ग्रामीण अपने घरों में भी ले जाकर छिड़कते हैं, जिसके बारे में मान्यता है कि इससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दौरान जल छिड़कने वाले स्थान पर हवन का भी आयोजन किया जाता है।
आसपास के गांवो तक फैली है परंपरा
गांव के समाजसेवी रमेश चौधरी पाटीदार के अनुसार, यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। रायपुरिया के अलावा छापरा पाड़ा, सागड़िया और तलाव पाड़ा सहित आसपास के 6 से 7 गांवों के ग्रामीण भी इस पवित्र जल को प्राप्त कर अपने गांवों में ले जाते हैं और मवेशियों पर छिड़काव करते हैं।
मंदिरों में पहुंचकर की गई सुख-समृद्धि की कामना
मवेशियों पर जल छिड़कने की रस्म पूरी होने के बाद ग्रामीण पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ गांव के विभिन्न मंदिरों में पहुंचे। यहां भगवान को तेल, सिंदूर, अगरबत्ती और श्रीफल अर्पित किए गए। ग्रामीणों ने प्रार्थना की कि पूरे गांव को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखा जाए तथा सभी परिवारों में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे।
बाजार बंद रखकर ग्रामीणों ने दी सहभागिता
बड़ी पूजा के इस पावन अवसर पर दोपहर तक गांव की अधिकांश दुकानें और बाजार बंद रहे। इस धार्मिक आयोजन में भारी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और अपनी इस प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया।