इजराइल के दक्षिणी लेबनान पर 24 घंटे में 50 हमले, 41 की मौत; आसमान में अब भी मंडरा रहे ड्रोन

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य गतिविधियों को तेज करते हुए पिछले 24 घंटों में 50 हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि पूरे क्षेत्र में अब भी इजराइली ड्रोन मंडरा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार शाम से शुरू हुई बमबारी रविवार सुबह तक जारी रही। बेरूत समेत कई शहरों में जोरदार धमाके सुने गए। विशेष रूप से अल-तुफ्फाह जिले और अर-रयहान जैसे इलाकों में भारी तबाही की खबर है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग अपने घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि इन हमलों के बाद पूरे दक्षिणी लेबनान में भय और अस्थिरता का माहौल है। कई इलाकों में बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका है और राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि लेबनान और इजराइल के बीच दशकों पुराना संघर्ष रहा है। वर्ष 1948 अरब-इजराइल युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक शांति समझौता नहीं हो पाया है।
1970 के दशक में फिलिस्तीन मुक्ति संगठन ने दक्षिणी लेबनान को अपना आधार बनाकर इजराइल पर हमले शुरू किए, जिसके जवाब में इजराइल ने 1978 में सैन्य कार्रवाई की। बाद में 1982 में पहला लेबनान युद्ध हुआ, जिसमें इजराइली सेना बेरूत तक पहुंच गई।
इसी दौरान ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह का उदय हुआ, जो आज भी इजराइल के खिलाफ सक्रिय है। वर्ष 2006 में दोनों पक्षों के बीच 34 दिन तक चला युद्ध संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप के बाद युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ।
हालिया तनाव अक्टूबर 2023 में बढ़ा, जब हिजबुल्लाह ने हमास के समर्थन में उत्तरी इजराइल पर रॉकेट हमले शुरू किए। इसके जवाब में इजराइल ने लेबनान में हवाई हमले और सीमित जमीनी अभियान तेज कर दिए।
अप्रैल 2026 में अमेरिकी मध्यस्थता के बाद एक संक्षिप्त युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इजराइल दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की मौजूदगी को अपने लिए बड़ा खतरा मानता है और उसे खत्म करने के लिए लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।






