इंदौर में जल संकट से निपटने की तैयारी तेज, कलेक्टर बोले- जरूरत पड़ी तो प्राइवेट एजेंट का होगा अधिग्रहण
भीषण गर्मी के बीच इंदौर में संभावित जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि शहर में पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्राइवेट एजेंट का नियमानुसार अधिग्रहण भी किया जा सकता है।
नगर निगम और जिला प्रशासन मिलकर करेंगे काम
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर काम करेंगे, ताकि गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
प्राइवेट एजेंट के अधिग्रहण पर क्या बोले कलेक्टर?
प्राइवेट एजेंट और टेंडर को लेकर पूछे गए सवाल पर कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जहां आवश्यकता महसूस होगी और प्राइवेट एजेंसी को अधिग्रहित करने की जरूरत पड़ेगी, वहां नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि सभी सामान्य नागरिकों तक पर्याप्त जलप्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, उठाए जाएंगे।”
भीषण गर्मी में पानी की परेशानी नहीं होने देने पर फोकस
प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि भीषण गर्मी के दौरान शहर में पेयजल संकट न हो। बढ़ते तापमान और संभावित जल संकट को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है।
कलेक्टर ने संकेत दिए कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों और निजी एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।






