इंदौर के सारांश जैन भारतीय टेस्ट टीम में शामिल: श्रीलंका में खेलेंगे टेस्ट मैच; 11 साल की मेहनत रंग लाई

इंदौर। इंदौर के ऑलराउंडर सारांश जैन को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। भारत को श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैच खेलना है। पहला टेस्ट 15 अगस्त से और दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से होगा।
सारांश ने कुछ समय पहले भारत ए टीम के साथ श्रीलंका के दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें अब पहली बार टेस्ट टीम में चुना गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई ने मंगलवार को टीम की घोषणा की है।
इसमें 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है। उन्हें चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है। सुंदर हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं।

भारत-ए के प्रदर्शन ने बदली किस्मत
हाल ही में सारांश जैन ने भारत-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था। गॉल में खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में उन्होंने 6 विकेट लेने के साथ नाबाद 70 रन की उपयोगी पारी खेली थी। श्रीलंका जैसी स्पिन मददगार पिचों पर उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
11 साल का लंबा इंतजार
सारांश जैन ने 2014 में मध्य प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था। पिछले 11 वर्षों से वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 188 विकेट लिए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 27.30 रहा है और वह 10 बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 2,223 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। यही कारण है कि उन्हें घरेलू क्रिकेट का भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर माना जाता है।

रणजी ट्रॉफी में अहम भूमिका
सारांश 2021-22 रणजी ट्रॉफी जीतने वाली मध्य प्रदेश टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे। मुंबई के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 57 रन की अहम पारी खेली थी। इसके बाद 2022-23 रणजी सीजन में उन्होंने 360 रन बनाने के साथ 35 विकेट लिए और उन्हें लाला अमरनाथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अगले सीजन में भी उन्होंने 518 रन और 30 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। 2025 दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन की जीत में भी उनका अहम योगदान रहा और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
पिता की चिट्ठी बनी प्रेरणा
सारांश के पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। सारांश के करियर के कठिन दौर में उनके पिता ने कैंसर ऑपरेशन के बाद बोलने में असमर्थ होने पर एक चिट्ठी लिखकर उन्हें क्रिकेट पर ध्यान बनाए रखने की सलाह दी थी। सारांश आज भी उस चिट्ठी को अपने पास संभालकर रखते हैं।
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देश का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद
अगर उन्हें गॉल टेस्ट में डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह 2021 में वॉशिंगटन सुंदर के बाद भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले पहले विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर बन सकते हैं। इंदौर और मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को अब उम्मीद है कि घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक मेहनत करने वाले सारांश जैन जल्द ही भारतीय टेस्ट कैप पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।