इंदौर में डिजिटल क्लॉक से होगी झांकियों की मॉनिटरिंग: सिर्फ दो स्पीकर लगाने की पर्मिशन; मंचों की चौड़ाई कम होगी

इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाले ऐतिहासिक झांकी चल समारोह को लेकर कलेक्टर कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने झांकी संचालकों और अखाड़ा उस्तादों के साथ चर्चा की। इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस टाइम मैनेजमेंट और नॉइस कंट्रोल पर रहेगा।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अनंत चतुर्दशी का झांकी चल समारोह इंदौर की 100 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा है। इस बार झांकियों और अखाड़ों के समय को डिजिटल क्लॉक के जरिए मॉनिटर किया जाएगा।
हर अखाड़ा प्रदर्शन स्थल पर डिजिटल क्लॉक लगाई जाएगी और अखाड़ों को तय समय में ही अपना प्रदर्शन पूरा करना होगा। ज्यादा समय लेने पर नेगेटिव मार्किंग की जाएगी, ताकि पीछे आने वाली झांकियों को देरी का सामना न करना पड़े।
एक झांकी पर दो से ज्यादा स्पीकर नहीं
बैठक में ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार डीजे प्रतिबंधित है और एक झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर ही लगाए जा सकेंगे। दो से ज्यादा स्पीकर या डीजे पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन करने पर साउंड सिस्टम जब्त
उन्होंने कहा कि तेज आवाज के कारण बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। इसलिए पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम झांकियों की निगरानी करेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर साउंड सिस्टम जब्त करने और आयोजकों पर कार्रवाई की जाएगी।
मंचों की चौड़ाई कम रखने के निर्देश
चल समारोह के दौरान मंचों की व्यवस्था को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मंचों की चौड़ाई कम और लंबाई ज्यादा रखने की बात कही गई, ताकि लोगों को झांकियां देखने में आसानी हो और मार्ग पर भीड़ का दबाव कम रहे। सभी मंच पूर्व अनुमति के अनुसार ही लगाए जाएंगे।
बड़ी झांकियों को अंत में रखने का प्रस्ताव
बैठक में झांकी संचालकों की ओर से निगम और IDA की बड़ी झांकियों को कारवां के अंत में रखने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रशासन की ओर से चल समारोह को समय पर पूरा करने और सभी झांकियों-अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
विजेता झांकियों को मिलेगा पुरस्कार
कलेक्टर ने चल समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाली झांकियों के लिए पुरस्कार की भी घोषणा की। प्रथम स्थान पर आने वाली झांकी को 1 लाख रुपए, जबकि अन्य विजेता झांकियों को 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार प्रशासन की ओर से दिया जाएगा।