50 गणेश पंडालों में खड़े हनुमान को हटाने का विरोध: बैनर लगाकर तीर्थ को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग; सिंहस्थ भूमि पर किया कब्जा

उज्जैन। खडे हनुमान मंदिर को हटाने के मुद्दे के बीच अब गणेश पंडालों में लगे बैनर चर्चा में हैं। सकल हिंदू समाज ने शहर के 50 गणेश पंडालों में बैनर लगाकर अवंतिका तीर्थ को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई है।
बैनरों के जरिए सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पर शासन-प्रशासन से सवाल किए गए हैं। संगठन का दावा है कि पांच नंबर नाका क्षेत्र की आठ कॉलोनियां सिंहस्थ भूमि पर अतिक्रमण कर बनी हैं।
जूना सोमवारिया में भी बड़े हिस्से पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। संगठन के मुताबिक, कार्रवाई के बाद यहां दोबारा निर्माण हुआ।
60 छोटे-बड़े मंदिर शासन को सौंपे
हिंदू जागरण महानगर संयोजक रितेश माहेश्वरी ने बताया कि उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और विकास परियोजनाओं के लिए हिंदू समाज ने 60 छोटे-बड़े मंदिर शासन को सौंपे हैं। इनमें गाड़ी अड्डे से गोपाल मंदिर, कोयला फाटक से छोटा पुल और वीडी क्लॉथ मार्केट से बड़ा पुल क्षेत्र के मंदिर शामिल हैं।
मस्जिदों के अतिक्रमित हिस्सों पर भी कार्रवाई हो
संगठन के अनुसार, इन सभी मंदिरों की सूची भी उसके पास उपलब्ध है। सिंहस्थ क्षेत्र और प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन के सामने सवाल उठाए। उनका दावा है कि इन परियोजनाओं की जद में 11 मस्जिदें और मजारें भी आ रही हैं। विकास कार्यों के लिए मंदिरों से जुड़े हिस्सों पर कार्रवाई की जा रही है, तो फिर मस्जिदों और मजारों के अतिक्रमित हिस्सों को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है। माहेश्वरी ने प्रशासन से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कई गणेश पंडाल में लगे बैनर
रितेश के मुताबिक, शहर के 50 गणेश पंडालों में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें खड़े हनुमान मंदिर को हटाने का विरोध किया गया है। उनका दावा है कि पांच नंबर नाका क्षेत्र की करीब 20 कॉलोनियों में 450 से ज्यादा नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जूना सोमवारिया में कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण होने का आरोप भी लगाया।
60 मंदिर सौंपे एक नहीं देंगे
सिंहस्थ 2028 और शहर के विकास को देखते हुए हिंदू समाज ने करीब 60 छोटे-बड़े मंदिर शांतिपूर्वक शासन को सौंपे हैं। अब समाज की मांग है कि बड़े गणेश मंदिर मार्ग स्थित दादा खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण के दायरे में बताई जा रही 11 मस्जिदों के अवैध हिस्सों पर प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा, इसका जवाब जनता चाहती है।