इंदौर में बाबा भूतनाथ मंदिर रास्ता विवाद गरमाया, कलेक्टर चौराहे पर धरना-चक्काजाम
शहर के रंगवासा स्थित प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर के रास्ते को लेकर विवाद अब सड़कों पर पहुंच गया है। मंगलवार को अखिल भारतीय बलाई समाज और मंदिर समिति के ग्रामीणों ने कलेक्टर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मंदिर तक जाने का रास्ता तत्काल खोला जाए।
कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना, रास्ता खोलने की मांग
मंदिर समिति और समाजजनों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि वर्षों पुराने मंदिर का रास्ता बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक रास्ता नहीं खोला जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
कलेक्टर शिवम वर्मा बोले- दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कार्रवाई
मीडिया से चर्चा में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मामला मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते से जुड़ा है और दोनों पक्षों के दस्तावेज प्रशासन को सौंपे गए हैं।
उन्होंने कहा, “एक पक्ष डिग्री होने की बात कह रहा है। आज दोनों पक्षों के दस्तावेज लिए गए हैं। परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
कलेक्टर ने बताया कि वर्ष 2024 में हुए सीमांकन में मंदिर निजी ट्रस्ट की भूमि पर पाया गया था, हालांकि दूसरे पक्ष ने सरकारी स्तर पर हेरफेर का आरोप लगाया है।
मंदिर समिति ने लगाए भूमाफिया और प्रशासन पर आरोप
अखिल भारतीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने आरोप लगाया कि रंगवासा के शताब्दी वर्ष पुराने बाबा भूतनाथ मंदिर का रास्ता भूमाफिया संजय अग्रवाल द्वारा रोका गया है, जबकि प्रशासन उनकी मदद कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि खसरा नंबर 682 की शासकीय भूमि का सीमांकन मंदिर समिति को बिना जानकारी दिए किया गया। साथ ही आरोप लगाया कि 2006 के TMC डायवर्जन में मंदिर को रिकॉर्ड से हटाकर हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाई गई।
मंदिर समिति सदस्य का दावा- दो साल से बंद है रास्ता
मंदिर समिति सदस्य रवि पाटीदार ने कहा कि मंदिर का रास्ता करीब दो वर्षों से बंद है और पिछले 9 महीनों से मामले की जांच चल रही है।
उनका आरोप है कि खसरा नंबर 682 शासकीय तालाब की पाल की भूमि है, लेकिन दस्तावेजों में मंदिर को दूसरे खसरे नंबर 654/2/3 पर दर्शाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समिति की गैर-मौजूदगी में झूठा पंचनामा तैयार किया गया।
धरना जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक मंदिर का रास्ता नहीं खोला जाता, धरना जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच कर रहा है और मामले में आगे की कार्रवाई परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।






