इंडोरामा ओवरब्रिज बना ‘डेथ ट्रैप’: तीन साल से निर्माण अधूरा; 7 से ज्यादा मौत के बाद भी सितंबर 2026 तक बढ़ी डेडलाइन

पीथमपुर (धार)। महू-नीमच मार्ग पर निर्माणाधीन इंडोरामा ओवरब्रिज लोगों के लिए हादसों का कारण बनता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट अब तक सात से अधिक लोगों की जान ले चुका है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हाल ही में हुई दो और मौतों के बाद भी निर्माण कार्य पूरा होने की नई समय-सीमा सितंबर 2026 तय की गई है।
ओवरब्रिज निर्माण के कारण यातायात को जर्जर सर्विस रोड और डायवर्जन मार्ग से निकाला जा रहा है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और पर्याप्त रोशनी नहीं होने से रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण हजारों श्रमिक इसी रास्ते से फैक्ट्रियों तक पहुंचते हैं।
लोगों की जान पर भारी पड़ रही खराब सड़क
चार दिन पहले हुई बाइक दुर्घटना में दो श्रमिकों की मौत के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिकों में आक्रोश बढ़ गया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और खराब सड़क व्यवस्था लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के अधिकारियों के अनुसार, पहले ओवरब्रिज का निर्माण जनवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन अब समय-सीमा बढ़ाकर सितंबर 2026 कर दी गई है।
समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे बच्चे
निर्माण कार्य में देरी का असर केवल यातायात पर ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। सुबह-शाम लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है। वहीं, धूल के कारण स्थानीय लोगों को सांस और त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि धूल और जाम के कारण ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है।
तेज रफ्तार वाहनों पर हो सख्त कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों और श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही सर्विस रोड का तत्काल डामरीकरण, नियमित पानी का छिड़काव और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके।