| |

भारत ने तिमोर-लेस्ते को रैबीज नियंत्रण के लिए 10,000 टीके भेजे, वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में निभाई अहम भूमिका

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —
भारत ने दक्षिण पूर्व एशिया के द्वीपीय राष्ट्र तिमोर-लेस्ते में रैबीज (Rabies) के प्रसार को रोकने के लिए एक बड़ा मानवीय कदम उठाया है। भारत सरकार ने तिमोर-लेस्ते को रैबीज प्रतिरक्षाग्लोब्युलिन की 2,000 शीशियां और रैबीज टीके की 10,000 खुराकें भेजी हैं। यह कदम भारत की “वैश्विक दक्षिण (Global South)” देशों के साथ स्वास्थ्य सहयोग को सशक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मार्च 2024 में तिमोर-लेस्ते में मनुष्यों में पहला रैबीज संक्रमण मामला सामने आया था। इसके बाद से ही वहां स्थिति पर गंभीर चिंता जताई जा रही थी। प्रारंभिक चरण में WHO ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय को 6,000 टीके और 2,000 खुराक प्रतिरक्षाग्लोब्युलिन (RIG) की आपूर्ति की थी।

भारत द्वारा भेजी गई इस नई खेप का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करना और संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों को गति देना है। इस सहायता के तहत 31 अगस्त को WHO द्वारा खरीदे गए टीकों की 10,000 अतिरिक्त खुराकें और 1,000 RIG शीशियां डिलि (Dili) भेजी गईं।

भारत सरकार, इंडोनेशिया और अन्य क्षेत्रीय साझेदारों के सहयोग से WHO ने कुल 12,000 वैक्सीन डोज़ और 2,000 RIG खुराकों की आपूर्ति सुनिश्चित की। यह कदम दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए एक क्षेत्रीय और मानवीय प्रयास का प्रतीक है।

भारत ने बार-बार यह साबित किया है कि वह सिर्फ एक वैक्सीन निर्माता राष्ट्र ही नहीं, बल्कि विश्वसनीय स्वास्थ्य साझेदार के रूप में भी वैश्विक संकटों के समय मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है — चाहे कोविड महामारी के दौरान वैक्सीन मैत्री अभियान हो या अब तिमोर-लेस्ते को रैबीज नियंत्रण में सहयोग देना।

Share

Similar Posts