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भारत ने श्रीलंका के ईस्टर्न यूनिवर्सिटी में वंचित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाई, शिक्षा सहयोग को मिला नया आयाम

कोलंबो। भारत ने श्रीलंका के ईस्टर्न यूनिवर्सिटी में आर्थिक रूप से वंचित छात्रों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम भारत-श्रीलंका के मजबूत शिक्षा और विकास सहयोग को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष दिसंबर में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की भारत यात्रा के दौरान की गई प्रतिबद्धता को पूरा करती है। इस योजना की शुरुआत आज से हो गई है, जिसके अंतर्गत पहले वर्ष में 100 स्नातक छात्रों को मासिक छात्रवृत्ति 5,000 श्रीलंकाई रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये कर दी गई है।

भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि यह पहल श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के भारत के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के मानव संसाधन विकास में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी. पेराथीपन और छात्र प्रतिनिधियों ने भारत सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ी हुई छात्रवृत्ति से छात्रों का वित्तीय बोझ कम हुआ है, उनकी उपस्थिति में वृद्धि हुई है और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार देखा गया है।

भारत द्वारा श्रीलंका में चलाए जा रहे इस प्रकार के शैक्षिक सहयोग कार्यक्रम दोनों देशों के बीच “Neighbourhood First Policy” को सुदृढ़ करते हैं और दक्षिण एशिया में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में साझेदारी का प्रतीक हैं।

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