IIT की टीम हटाएगी खड़े हनुमान की प्रतिमा: क्रेन, जेसीबी, मजदूर सभी ने लगाई ताकत; ‘डॉक्टर हनुमान’ को एक इंच भी नहीं हिला सके

उज्जैन। सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर का ढांचा टूट गया, जेसीबी चली, क्रेन लगाई गई, मजदूरों ने भी पूरी ताकत लगा दी… लेकिन 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर में विराजित प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई।
10 दिन तक चले प्रयासों के बाद अब प्रशासन ने भी हार मानकर विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। मंगलवार को आईआईटी इंदौर की टीम मंदिर पहुंची और विशेष उपकरणों से प्रतिमा की गहराई और संरचना की जांच की।
खड़े हनुमान की प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। पुरातत्व विशेषज्ञों के मुताबिक इसे पुराने समय की इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया गया होगा।
रिपोर्ट के बाद ही होगी विस्थापना
ज्यादा बल लगाने पर प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। अब आईआईटी की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि प्रतिमा को कैसे और कब विस्थापित किया जाए।
मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहते है भक्त
भक्तों के लिए यह सिर्फ एक प्रतिमा को हटाने का मामला नहीं है। वर्षों से यहां आने वाले लोग खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ तक कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। यही वजह है कि प्रतिमा के नहीं हिलने को कई भक्त भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं।
आईआईटी की टीम ने दो घंटे तक की जांच
लगातार प्रयासों के बावजूद प्रतिमा नहीं हिलने के बाद मंगलवार को आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों की टीम खड़े हनुमान मंदिर पहुंची। टीम ने विशेष उपकरणों की मदद से प्रतिमा की गहराई और उसके आसपास की संरचना की जानकारी जुटाई। करीब दो घंटे तक जांच के बाद टीम अपनी रिपोर्ट देगी।
पंडित के आग्रह पर आईआईटी की टीम को बुलाया
नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मंदिर के पंडित के आग्रह पर आईआईटी की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही प्रतिमा के विस्थापन की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी।
पहले मंदिर का ढांचा तोड़ा, प्रतिमा पर आकर अटक गई कार्रवाई
गौरतलब है कि कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क करीब 15 मीटर चौड़ी की जा रही है और खड़े हनुमान का मंदिर प्रस्तावित सड़क के हिस्से में आ रहा था।
भक्तों ने माना चमत्कार, देश-विदेश तक पहुंची चर्चा
प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खड़े हनुमान की चर्चा शुरू हो गई। भक्त इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। स्थानीय लोगों, पुजारियों और हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रतिमा को हटाने का विरोध भी किया। अब प्रशासन विशेषज्ञों की मदद से वैज्ञानिक तरीके से प्रतिमा की स्थिति समझने की कोशिश कर रहा है।