फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की परियोजनाएं चलाने का आरोप, ईडी ने ICHBS सचिव अजय सहगल को किया गिरफ्तार
फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की परियोजनाएं चलाने का आरोप, ईडी ने ICHBS सचिव को किया गिरफ्तार
किसानों की जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की रियल एस्टेट परियोजनाएं खड़ी करने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी (ICHBS) के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्रेटर मोहाली एरिया विकास प्राधिकरण (GMADA) और भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।
किसानों की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर की गई है। किसानों ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी सहमति को फर्जी तरीके से दर्शाकर ‘संटेक सिटी’ परियोजना के लिए CLU मंजूरी हासिल की गई।
जांच में सामने आया कि अजय सहगल ने 15 किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन के लिए कथित तौर पर जाली सहमति पत्र तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में किसानों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान फर्जी पाए गए। इन्हीं कथित दस्तावेजों के आधार पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली।
ईडी की छापेमारी में 21 लाख रुपये नकद बरामद
ईडी ने इससे पहले 7 मई को सोसाइटी और ABS Township Private Limited से जुड़े आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एक कारोबारी के घर से 21 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। एजेंसी के मुताबिक, छापे के दौरान यह रकम कथित तौर पर बालकनी से नीचे फेंकी गई थी।
200 करोड़ से ज्यादा की बिक्री का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि ला कनेला आवासीय बहुमंजिला परिसर और डिस्ट्रिक्ट-7 वाणिज्यिक परिसर जैसे प्रोजेक्ट भी कथित फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर विकसित किए गए। आरोप है कि इन परियोजनाओं की यूनिट्स RERA मंजूरी के बिना बेची गईं, जिनकी अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
ईडी ने बताया कि मामले में GMADA और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।





