धार में गरीबों के राशन की कालाबाजारी: चार महीने से नहीं मिला; 4,827 किलो गेहूं-चावल गायब

धार। नालछा ब्लॉक के मालीपुरा गांव में शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर राशन वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद खाद्य विभाग की टीम ने दुकान का निरीक्षण किया।
तब बड़ी मात्रा में गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और नमक स्टॉक से गायब मिला। मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया है।
ग्राम मालीपुरा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान क्रमांक 2203068 का संचालन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जाता है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि उन्हें कई महीनों से पात्रता के बावजूद राशन नहीं दिया जा रहा है।
187 किलो फोर्टिफाइड नमक नहीं मिला
जांच के दौरान दुकान के रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया गया। इसमें 4,827 किलो गेहूं, 1,016 किलो फोर्टिफाइड चावल और 187 किलो फोर्टिफाइड नमक सहित अन्य सामग्री मौके पर नहीं मिली। विभाग के अनुसार, यह सामग्री पात्र हितग्राहियों को वितरित नहीं की गई और अनियमितता कर लाभ कमाने के लिए बेचने का आरोप है।
अंगूठा लगवाया, राशन नहीं दिया
जांच में सामने आया कि कुछ ग्रामीणों को दो से तीन महीने, जबकि कुछ को चार महीने तक राशन नहीं मिला था। वहीं, हितग्राहियों के अंगूठे के निशान लिए जा चुके थे और राशन की पर्चियां भी बन चुकी थीं। विभाग ने इसे राशन वितरण में गंभीर अनियमितता माना। 1 मार्च से 31 मई 2026 के बीच राशन वितरण में गड़बड़ी की गई और पात्र उपभोक्ताओं को उनके हक के खाद्यान्न से वंचित रखा गया।