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धार बैंक ऑफ इंडिया का कैशियर गिरफ्तार: 46 लाख लेकर भागा था; हर दिन निकालता था नोटों की गड्डियां

धार। जिले के बाग क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय शाखा में करीब 45 से 46 लाख रुपए के हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने बैंक के हेड कैशियर हितेश पिता रुमालसिंह निंगवाल, निवासी गडबोरी, को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में कैशियर ने वॉल्ट से धीरे-धीरे रकम निकालना स्वीकार किया है। पुलिस अब रकम की रिकवरी के प्रयास कर रही है।

शनिवार को चाबी लेकर घर गया, सोमवार को बैंक नहीं पहुंचा
मामला सोमवार को सामने आया। कैशियर हितेश निंगवाल शनिवार को बैंक के वॉल्ट की चाबी अपने साथ घर ले गया था। सोमवार को बैंक खुलने के बाद भी वह बैंक नहीं पहुंचा। इस पर बैंक प्रबंधन को शक हुआ।

जिला कार्यालय से वॉल्ट की दूसरी चाबी मंगवाकर उसे खोला गया। कैश का मिलान करने पर करीब 45-46 लाख रुपए कम मिले। इसके बाद बैंक में दिनभर कामकाज प्रभावित रहा। बैंक के बाहर ‘लिंक बंद है’ का पर्चा लगाकर ग्राहकों का प्रवेश रोक दिया गया।

हर दिन 1-2 नोटों की गड्डियां निकालता था
पुलिस पूछताछ में कैशियर ने बताया कि उसने करीब दो महीने में बैंक से रकम निकाली। वह रोज आने वाली नकदी को वॉल्ट में इस तरह जमाता था कि छोटे नोटों की गड्डियां आगे दिखाई दें और कैश ज्यादा नजर आए।

इसके बाद पीछे रखी नकदी में से रोजाना एक से दो गड्डियां निकालकर अपने साथ ले जाता था। करीब दो महीने तक इसी तरह रकम निकालने से राशि 45 लाख रुपए से ज्यादा हो गई।

कर्ज चुकाने में खर्च कर दी पूरी रकम
कैशियर ने पूछताछ में बताया कि बैंक से निकाली गई रकम का इस्तेमाल उसने अपनी उधारी और कर्ज चुकाने में किया। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने रकम किन-किन लोगों को दी और कितनी राशि कहां खर्च की।

बैंक मैनेजर की शिकायत पर केस दर्ज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि बैंक मैनेजर मयूर दुबे की शिकायत पर थाना बाग में एफआईआर दर्ज की गई है। कैशियर को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का फोकस रकम की रिकवरी पर है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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