झाबुआ में मिलावटी दूध की जांच शुरू: डेयरियों-चिलिंग सेंटरों का किया रैपिड टेस्ट; कई दुकानों से लिए गए सैंपल

झाबुआ। मिलावट की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष रैपिड टेस्ट अभियान शुरू किया है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देश पर चला रहा है। अभियान के तहत विभिन्न डेयरियों, दूध कलेक्शन सेंटरों और चिलिंग सेंटरों का निरीक्षण किया जा रहा है।
अभियान के दौरान रैपिड टेस्टिंग किट की मदद से मौके पर ही दूध की गुणवत्ता और संभावित मिलावट की प्राथमिक जांच की जा रही है। अब तक जांचे गए 15 दूध के नमूने संतोषजनक पाए गए हैं। किसी भी नमूने में संदिग्ध मिलावट नहीं मिली।
इन चीजों की हो रही जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम दूध में माल्टोडेक्सट्रिन, स्टार्च, शुगर, सॉल्ट और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसी चीजों की मौजूदगी की प्राथमिक जांच कर रही है। इसका उद्देश्य मौके पर ही संभावित मिलावट का पता लगाना है।

रंभापुर और झाबुआ में सैंपल लिए
अभियान के तहत रंभापुर स्थित गुरुकृपा दूध डेयरी, नंदनी दूध डेयरी और साईं मिल्क चिलिंग सेंटर के साथ झाबुआ स्थित देवकृपा दूध डेयरी, देव नारायण दूध डेयरी और नाकौड़ा दूध डेयरी समेत अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इन स्थानों से दूध के कुल 15 नमूने लेकर रैपिड टेस्ट किया गया। प्रारंभिक जांच में सभी नमूने संतोषजनक पाए गए।
अन्य क्षेत्रों में भी होगी औचक जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा। डेयरियों, दूध कलेक्शन सेंटरों और चिलिंग सेंटरों पर रैपिड टेस्टिंग किट से दूध की गुणवत्ता और संभावित मिलावट की मौके पर जांच की जाएगी। जांच कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेलसिंह मोरी और राहुल सिंह अलावा मौजूद रहे।