धार में आधी रात हॉस्टल से निकलीं छात्राएं: तीन किमी चलकर कुक्षी पहुंची; अधिकारियों से बोलीं- जगह 50 की रह रहीं 140

धार। निसरपुर स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या हॉस्टल में रविवार आधी रात करीब 12 बजे 40 छात्राएं खिड़की से कूदकर बाहर निकलने लगी। हॉस्टल में जगह की कमी, खाने की क्वालिटी और अन्य अव्यवस्थाओं से परेशान छात्राएं कुक्षी के लिए पैदल रवाना हुई थीं।
ढाई से तीन किलोमीटर दूर कटनेरा पुल के पास पुलिसकर्मियों, ग्रामीणों और अन्य लोगों ने उन्हें रोककर समझाइश दी। इसके बाद तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, SDOP सुनील गुप्ता और थाना प्रभारी के सामने छात्राओं ने अपनी समस्याएं बताईं। अधिकारियों से समाधान का आश्वासन मिलने के बाद सभी छात्राएं रात करीब 2 बजे वापस छात्रावास लौट गईं।
50 की क्षमता, रह रहीं करीब 140 छात्राएं
कुक्षी पहुंचने पर छात्राओं ने तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, SDOP सुनील गुप्ता और थाना प्रभारी के सामने की समस्याएं रखीं। छात्राओं के अनुसार, 50 छात्राओं की क्षमता वाले बिल्डिंग में140 छात्राएं रह रही हैं। इनमें कन्या शिक्षा परिसर की करीब 50 छात्राएं भी शामिल हैं। छात्राओं ने कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं को किसी अन्य हॉस्टल में शिफ्ट करने की मांग की।

खाने की क्वालिटी और मेन्यू को लेकर भी नाराजगी
छात्राओं ने हॉस्टल में मिलने वाले खाने की क्वालिटी पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उन्हें घटिया भोजन परोसा जाता है और सुबह के नाश्ते में निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किया जाता। छात्राओं ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन को हटाने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी।
निरीक्षण को लेकर भी उठाए सवाल
कई छात्राओं ने बताया कि शिक्षा और प्रशासन विभाग के अधिकारी निरीक्षण के लिए हॉस्टल आते हैं, लेकिन बाहर से व्यवस्थाएं देखकर लौट जाते हैं। उनके अनुसार, अधिकारी अंदर आकर छात्राओं से उनकी समस्याएं नहीं पूछते, जिसके कारण वास्तविक समसियां सामने नहीं आ पाती।
जयस पदाधिकारी ने भी अधिकारियों के सामने रखीं समस्याएं
सूचना मिलने पर जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल भी छात्राओं से मिले। उन्होंने छात्राओं की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और समाधान की मांग की। अधिकारियों ने सोमवार दोपहर तक समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा हॉस्टल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई। आश्वासन मिलने के बाद छात्राएं वाहनों से निसरपुर स्थित हॉस्टल वापस लौटीं। छात्राएं रात करीब 2 बजे हॉस्टल पहुंचीं।
