देवास टेकरी का रोप-वे 60 दिन से बंद: साढ़े 9 करोड़ की लागत से हुआ था निर्माण; टेंडर निरस्त करने की मांग

देवास। नवरात्रि से पहले देवास की टेकरी पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संचालित रोप-वे 60 दिन से बंद है। मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के दर्शन के लिए रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोप-वे का इस्तेमाल करते हैं।
इसके लंबे समय से बंद होने के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और पैदल चढ़ने में असमर्थ श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार ने साढ़े 9 करोड़ की लागत से टेकरी पर रोप-वे का निर्माण कराया था। वर्ष 2017 में नगर निगम ने टीआर त्रेहान कंपनी को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। मौजूदा विवाद को लेकर अब ठेका और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
दामोदर ग्रुप का दावा- 10 मिनट में शुरू हो सकता है रोप-वे
रोप-वे संचालन से जुड़े दामोदर ग्रुप का दावा है कि तकनीकी स्तर पर रोप-वे को शुरू करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं है। कंपनी के मुताबिक उसके तकनीकी विशेषज्ञ लगातार काम कर रहे हैं और रोप-वे को 10 मिनट में संचालन की स्थिति में लाया जा सकता है। उनका आरोप है कि रोप-वे लंबे समय से बंद रहने की वजह संचालन से जुड़े आंतरिक विवाद हैं। कंपनी ने देवास प्रशासन से सीधे टेंडर देकर संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की मांग भी की थी, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
300 से ज्यादा श्रद्धालु रोज करते हैं सफर
आम दिनों में रोजाना 300 से ज्यादा श्रद्धालु रोप-वे से टेकरी पहुंचते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या 1000 से अधिक हो जाती है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। ऐसे में रोप-वे के बंद रहने से टेकरी पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी और बढ़ सकती है।
प्रशासन ने दिए जल्द शुरू कराने के संकेत
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि देवस्थान प्रबंध समिति की बैठक में रोप-वे शुरू कराने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अधिग्रहण या किसी एक साझेदार के माध्यम से इसका संचालन शुरू कराने का विकल्प अपनाया जा सकता है।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई
महापौर गीता अग्रवाल ने बताया कि संबंधित पक्ष को दो नोटिस दिए जा चुके हैं। अंतिम चेतावनी के बाद भी रोप-वे शुरू नहीं किया गया तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।