ईंधन कीमतों पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, खरगे बोले- चुनाव खत्म होते ही बढ़ाई महंगाई

देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और औद्योगिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि अगर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ाई जातीं, तो इसका राजनीतिक नुकसान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उठाना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव तक इन मुद्दों को दबाकर रखा गया और चुनाव खत्म होने के बाद कीमतों में इजाफा कर दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में प्रमुखता से उठाएगी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान खरगे ने दावा किया कि सरकार ने चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को नियंत्रित रखा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी। उनके मुताबिक, इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार जनता की परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं है।
उल्लेखनीय है कि 17 मई को दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमत में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 79.09 रुपये से बढ़कर 80.09 रुपये प्रति किलो हो गई।
इसके पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा 1 मई को 19 किलो वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा किया गया था। दिल्ली में इसकी कीमत 2,078.50 रुपये से बढ़ाकर 3,071.50 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि इन बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।






