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सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए सुशासन के मंत्र, बोले- भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता जरूरी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नव नियुक्त पदाधिकारियों को सुशासन और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि “भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता” किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।

नए पदाधिकारियों को दिया सुशासन का मंत्र

भोपाल स्थित अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति और प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से विभागीय नीतियों और नियमों का गहन अध्ययन करने तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की अपील की।

“सेवा ही हमारा परम धर्म”

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सेवा भावना और प्रशासनिक दक्षता के साथ काम करना हर पदाधिकारी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सरकार की साख जनता में पदाधिकारियों के काम से बनती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए।

वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने और वित्तीय अनुशासन अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नवाचारों के जरिए आय के नए स्रोत विकसित करने होंगे और आत्मानुशासन के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ना होगा।

डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा

डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में डिजिटल गवर्नेंस सुशासन का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने अधिकारियों को डेटा आधारित निर्णय, तकनीक संचालित निगरानी और पारदर्शी सेवा वितरण प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की बात कही।

कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी अपने कार्यकाल में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनहित को प्राथमिकता दें तथा ऐसे लोगों और गतिविधियों से दूरी बनाकर रखें, जिनसे पद की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि मध्य प्रदेश को देश का सबसे बेहतर राज्य बनाने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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