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CM का मंच से ऑन-द-स्पॉट एक्शन: डिप्टी कलेक्टर, 2 CMO समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड; कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बड़वानी। जिले में आयोजित समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में शिकायतों की समीक्षा के बाद प्रशासन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। PM-KISAN, प्रधानमंत्री आवास योजना और संबल योजना से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही पाए जाने पर 7 अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

PM-KISAN शिकायत में कार्रवाई
राजपुर तहसील से जुड़ी शिकायत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पंजीयन और भुगतान में देरी की बात सामने आई थी। इस मामले में संबंधित तहसीलदार आशा परमार (वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर, जिला धार) के निलंबन के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा मामले में दोषी पाए गए मांगीलाल निगावे और ललित बोर्से को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आवास योजना में दो CMO निलंबित
राजपुर नगर परिषद से संबंधित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शिकायत में कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मार्ताराम सोलंकी और जगदीश धांगड़ नामक दो मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को निलंबित कर दिया है। साथ ही राजपुर के सहायक यंत्री (AE) बाबूराव को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन, इंदौर एस. के. सिन्हा को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है।

संबल योजना में पूर्व CEO पर गिरी गाज
पानसेमल ब्लॉक की शिकायत में संबल योजना के तहत अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता राशि के भुगतान में देरी का मामला सामने आया। शिकायतकर्ता ने सहायता राशि नहीं मिलने की बात कही थी।

जांच के बाद पानसेमल जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सौरभ सिंह ठाकुर के निलंबन के निर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान में वे जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग, मुरैना में पदस्थ हैं।

 तीन शिकायतों पर हुई कार्रवाई
14 अगस्त 2026 को आयोजित समीक्षा में प्रशासन ने कुल तीन प्रमुख शिकायतों पर कार्रवाई की है। इनमें राजस्व, नगरीय प्रशासन और पंचायत विभाग से जुड़े मामलों में लापरवाही को गंभीर माना गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायतों के निराकरण में देरी और हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने पर यह सख्त कदम उठाया गया है।

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