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दर्शन कर लौट रहे लोगों को रोकने का आरोप: भोज उत्‍सव समिति ने कलेक्‍टर को लिखा पत्र; कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

धार। ऐतिहासिक भोजशाला में पूजन के दौरान हुए गतिरोध के बाद हिंदू समाज के पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है। भोज उत्सव समिति ने इस संबंध में जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को एक औपचारिक पत्र सौंपकर प्रशासनिक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने बताया कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार भोजशाला परिसर में दोनों समुदायों के लिए आने-जाने के पृथक मार्ग की व्यवस्था करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

तीन महीने बाद भी व्यवस्था नहीं होने का आरोप
समिति का आरोप है कि न्यायालय के आदेश पारित होने के बाद तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान समिति ने कई बार आवेदन और ज्ञापन देकर व्यवस्था लागू करने की मांग की, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। समिति ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर की जा रही व्यवस्था से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।


नमाज के बाद मुख्य मार्ग बंद करने का आरोप
भोज उत्सव समिति के अनुसार, गुरुवार दोपहर नमाज के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में कुछ लोगों को कमाल मौलाना दरगाह ले जाया गया। इस दौरान भोजशाला में मौजूद दर्शनार्थियों और समिति के सदस्यों को लगभग 45 मिनट तक रोके रखा गया और मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया।

समिति का कहना है कि इस प्रकार आवाजाही रोकने को लेकर 2-3 दिन पहले ही प्रशासन को लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कथित रूप से ऐसी व्यवस्था लागू की गई, जिसे समिति नई परंपरा बनाने का प्रयास बता रही है।

वीडियो प्रमाण भेजने का दावा
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूरी घटना के वीडियो प्रमाण संबंधित अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और इससे परिसर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भोज उत्सव समिति ने कलेक्टर को दिए गए पत्र में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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