सीएम हेल्पलाइन पर जीरो प्रकरण करने वाले कलेक्टर को मिलेंगे अतिरिक्त नंबर, संभागायुक्त डॉ. खाडे ने दिए निर्देश

इंदौर, 06 नवम्बर 2025 — इंदौर संभाग में आयोजित पहली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने सीएम हेल्पलाइन पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को प्रोत्साहन स्वरूप अतिरिक्त नंबर देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो कलेक्टर अपने जिलों में शिकायतों को “जीरो (0)” तक लाएंगे, उन्हें यह अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।

संभागायुक्त ने राज्य और केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, अभियानों और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि इंदौर संभाग में नामांतरण के 11,713, सीमांकन के 24,291, और बंटवारे के 11,736 प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया है। इसके साथ ही, 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन भी फार्मर रजिस्ट्री में सुनिश्चित किया गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि इंदौर संभाग में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के कुल 446 मामलों में से 246 प्रकरणों में अवार्ड पारित कर ₹25,940.69 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। डॉ. खाडे ने निर्देश दिए कि राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए और तहसीलदार व नायब तहसीलदार सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड में जाकर कार्य करें।

उन्होंने नर्मदा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सरदार सरोवर बांध से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि संभाग के 83 पुनर्वास स्थलों में पट्टों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इसके लिए एसडीएम और नर्मदा घाटी के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा हो सके।
संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर्स और सीईओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करें, वन स्टॉप सेंटरों का प्रतिमाह निरीक्षण करें और नशा मुक्ति अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम चलाएं। उन्होंने वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेज गति वाले वाहनों पर नियंत्रण की भी बात कही।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, स्वामित्व योजना, राजस्व प्रकरणों का निराकरण, भू-अर्जन, महिला सुरक्षा, राहत वितरण, बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार, सीएम हेल्पलाइन, जल जीवन मिशन, ई-ऑफिस संचालन, प्राकृतिक खेती, और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायत सीईओ, संयुक्त आयुक्त विकास डी.एस. रणदा, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की अपर संचालक सपना अनुराग जैन, उपायुक्त राजस्व सपना लोवंशी, और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






