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अटारी-वाघा और सादकी चौकी पर बीएसएफ जवानों ने सामूहिक रूप से गाया ‘वंदे मातरम्’

पंजाब। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर देशभक्ति की अनोखी मिसाल पेश की। कल शाम अमृतसर स्थित विश्व प्रसिद्ध अटारी-वाघा संयुक्त चौकी और फाजिल्का की सादकी चौकी पर बीएसएफ कर्मियों ने हजारों दर्शकों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।

इस अवसर पर पूरे माहौल में देशभक्ति और गर्व की भावना झलक उठी। बीएसएफ जवानों के साथ स्थानीय नागरिक, पर्यटक और दर्शक भी राष्ट्रगीत के सुरों में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ पर जनमानस में देशप्रेम और एकता का संदेश देना था।

इस आयोजन का नेतृत्व बीएसएफ, पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक अतुल फुलझेले ने किया। उनके निर्देशन में पंजाब के सभी मुख्यालयों, इकाइयों और सीमा चौकियों पर भी एक साथ सामूहिक गायन आयोजित किया गया।
जालंधर, लुधियाना और मानसा सहित कई अन्य शहरों में भी इसी तरह के कार्यक्रम हुए।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को भारत की एकता और आत्मगौरव का प्रतीक बताया।

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