पश्चिम एशिया संकट पर कल सर्वदलीय बैठक, ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों पर होगी चर्चा

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक संसद भवन एनेक्सी में आयोजित होगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
इस बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का भारत पर पड़ने वाला असर, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा, एलपीजी आपूर्ति और अस्थिर बाजार स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। सरकार विपक्षी दलों के साथ इन मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर स्थिति से निपटने की रणनीति साझा करेगी।
हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है। उन्होंने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार केरल जाने की बात कही है।
गौरतलब है कि विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर सरकार के रुख की आलोचना कर रहे हैं और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और जयराम रमेश ने भी सरकार से स्पष्ट रणनीति सामने रखने को कहा है।
राज्यसभा में सांसद जॉन ब्रिटास ने 2003 के इराक युद्ध के समय पारित संसदीय प्रस्ताव का हवाला देते हुए सरकार से ईरान के मामले में भी स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर देश एकजुट होकर शांति और संवाद का संदेश दे।
सरकार की यह सर्वदलीय बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्ग और आर्थिक स्थिरता पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।






